आंख में फुंसी/गुहेरी क्या है – What is an Eye Stye?

“आंख की गुहेरी “, एक लाल गांठ के रूप में होती है, जिसमें एक दाना होता है और यह पलक के बाहरी किनारे पर होता है। यहां आपको आंख में फुंसी के बारे में कुछ बातें जानने की ज़रूरत हैं, जैसे-

  • गुहेरी पलक के बालों की जड़ में होने वाला एक बैक्टीरियल (जीवाणु ) संक्रमण है।
  • स्टैफिलोकोकस एक प्रकार का बैक्टीरिया (जीवाणु ) है, जो सामान्य रूप से हमारी त्वचा पर पाया जाता है। जब यह पलक के बालों की जड़ में पहुँच जाता है, तो वहाँ संक्रमण और सूजन पैदा कर सकता है, जिसके कारण गुहेरी हो जाती है।
  • गुहेरी संक्रामक हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह गंभीर नुकसान नहीं पहुँचाती।
  • अगर गुहेरी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे पलकों और आँखों से जुड़ी अन्य समस्याएँ हो सकती हैं और डॉक्टर से जाँच करवाना आवश्यक हो सकता है।
  • अधिकांश गुहेरियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं।
  • गुहेरी आमतौर पर एक ही आँख को प्रभावित करती है, लेकिन कभी-कभी दोनों आँखों में भी हो सकती है।
  • गुहेरी बाहरी या आंतरिक, दोनों प्रकार की हो सकती है।
  • गुहेरी दोबारा भी हो सकती है, खासकर यदि पहले भी इसकी समस्या हो चुकी हो।

आंख में फुंसी/गुहेरी के प्रकार – Types of Eye Styes 

बाहरी गुहेरी (External Stye)

यह गुहेरी का एक प्रकार है, जो पलकों की जड़ों (बालों के आधार) पर बनती है। यदि समय रहते इसका सही इलाज किया जाए, तो आमतौर पर यह नुकसानदेह नहीं होती। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित जगहों पर संक्रमण (Infection) के कारण हो सकती है:

  • पलकों की जड़ें (Eyelash Follicles): त्वचा में मौजूद वे छोटे-छोटे छिद्र (रूंप), जिनसे पलकें निकलती और बढ़ती हैं।

  • तैल ग्रंथि या ज़ीस ग्रंथि (Zeis Gland): यह ग्रंथि पलकों की जड़ों से जुड़ी होती है। यह एक प्राकृतिक तेल (सीबम) बनाती है, जो पलकों को नमी देता है और उन्हें सूखने से बचाता है।

  • मोल ग्रंथि (Moll Gland): यह एक प्रकार की पसीने (स्वेद) की ग्रंथि होती है, जो पलकों के किनारों पर पाई जाती है। यह भी पलकों में नमी बनाए रखने और उन्हें सूखने से रोकने का काम करती है।

आंतरिक गुहेरी (Internal Stye)

यह गुहेरी का वह प्रकार है, जो पलक के अंदरूनी हिस्से में होता है। यह काफी दर्दनाक होती है और इससे आंखों में बहुत ज़्यादा तकलीफ होती है, इसलिए इसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत पड़ती है।

यह मुख्य रूप से मेइबोमियन ग्रंथि (Meibomian Gland) में संक्रमण (Infection) के कारण होती है। इस ग्रंथि का काम एक विशेष द्रव (तरल पदार्थ) बनाना है, जो हमारी आंखों के ऊपर आंसुओं की नमी वाली परत (Tear Film) बनाए रखता है और आंख को सूखने से बचाता है।

मरीज़ों द्वारा कुछ बातों का अनुभव किया जा सकता है, जैसे कि आंखों में जलन, पलकों के किनारों पर क्रस्टिंग, आईबॉल्स पर खुजली, लाइट से सेंस्टिविटी, आंसू, यह महसूस करना कि कुछ कण आंख में फंस गया है और गंभीर रूप आंखें झपकने के दौरान परेशानी।

आंख में फुंसी/गुहेरी के लक्षण – Signs and Symptoms of an Eye Stye

मरीज़ की पलक पर एक दर्दनाक छोटी लाल गांठ होती है जो आंखों में आंसू पैदा करती है और लाल होती है। कभी-कभी यह फुंसी जैसी भी लगती है। आंख में फुंसी के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं-

A lump on the eyelid,
पलकों पर गांठ होना
Itching in the eye.
पलकों के किनारों पर क्रस्ट होना
Swelling of the eyelid,
पलकें सूज जाना
Blurred Vision
धुंधली दृष्टि होना
Pain around the area of an eyelid.
पलकों के आसपास दर्द होना
Discharge of mucus from the eye.
आंखों से मवाद का निकलना
Crust on the edges of the eyelids.
पलकों का लाल होना
Heightened sensitivity towards light.
लाइट से सेंस्टिविटी का बढ़ना

आंख में फुंसी/गुहेरी से परेशानियां – Complications of an Eye Stye

वैसे तो गुहेरी से कोई बड़ी समस्या होना बहुत दुर्लभ है, फिर भी कुछ मामलों में यह जटिलताएं पैदा कर सकती है, जैसे:

चालाज़ियन (Meibomian Cyst)

यह पलक के अंदर मौजूद एक छोटी ग्रंथि (ग्लैंड) में बनने वाली गांठ या सिस्ट है। ये ग्रंथियां पलकों के किनारों पर एक तैलीय द्रव छोड़ती हैं, जिसे सीबम (Sebum) कहा जाता है। यह द्रव आंखों और पलकों में नमी बनाए रखने (लुब्रिकेट करने) का काम करता है।

यदि पलक के अंदरूनी हिस्से में बार-बार गुहेरी (Stye) होती रहे या ग्रंथि का रास्ता बंद (ब्लॉक) हो जाए, तो यह आगे चलकर चालाज़ियन (मेइबोमियन सिस्ट) का रूप ले सकती है।

अच्छी बात यह है कि चालाज़ियन का इलाज बहुत आसानी से और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

प्री-सेप्टल या पेरीओरिबिटल सेल्युलाइटिस (Pre-septal or Periorbital Cellulitis)

यह समस्या तब होती है, जब संक्रमण (Infection) फैलकर आंख के आसपास के ऊतकों (Tissues) तक पहुंच जाता है। इसके कारण आंख के चारों ओर की त्वचा में सूजन आ जाती है, जिससे पलकें अत्यधिक लाल और सूज जाती हैं।

इस स्थिति का उपचार एंटीबायोटिक्स है।

आंख में फुंसी/गुहेरी के कारण – Causes of an Eye Stye

आमतौर पर आंख की गुहेरी, बंद पड़ी तेल ग्रंथि (Clogged Oil Gland) और बैक्टीरिया के कारण होती है। हमारे शरीर में अरबों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो सामान्यतः हमारे साथ एक परस्पर संतुलन (Symbiotic Relationship) में रहते हैं और कोई नुकसान नहीं पहुँचाते। लेकिन कभी-कभी कुछ परिस्थितियों के कारण ये बैक्टीरिया तेज़ी से बढ़ने लगते हैं और पलक पर एक फुंसी का रूप ले लेते हैं।

इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • समय सीमा समाप्त हो चुके मेकअप उत्पादों का इस्तेमाल करना।
  • सोने से पहले आंखों का मेकअप न हटाना।
  • कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से पहले उन्हें सही तरीके से साफ न करना।
  • हाथों को अच्छे से धोए बिना कॉन्टैक्ट लेंस को छूना।
  • आहार में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होना।
  • पर्याप्त नींद न लेना।

हालाँकि गुहेरी की समस्या किशोरों (Adolescents) में अधिक देखी जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है।

आंख में फुंसी/गुहेरी के बचाव – Tips to Prevent Eye Styes

  • अगर किसी व्यक्ति को आंख में गुहेरी है, तो आस-पास के लोगों को संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए चेहरे के तौलिये आदि जैसी चीज़ों को एक-दूसरे के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
  • कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते समय व्यक्ति को नियमित रूप से हाथ धोना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार की एलर्जी वाले व्यक्ति को अपनी आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए।
  • चेहरे को साफ-सुथरा रखें।

आंख में गुहेरी का घरेलू इलाज- Natural Remedies for an Eye Stye

ज्यादातर मामलों में, आंख की गुहेरी (Stye) को बिना किसी दवा के घर पर ही ठीक किया जा सकता है। नीचे दिए गए उपाय न केवल दर्द कम करते हैं, बल्कि सूजन को भी तेजी से घटाते हैं:

  • गरम सिकाई (Warm Compress): गुहेरी के ज़्यादातर मामलों में आंखों पर गर्म सेक  का उपयोग करना प्रभावी साबित हो सकता है।
  • टी-बैग का उपयोग:  काली चाय (Black Tea) में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं। इस्तेमाल किए हुए टी-बैग को हल्का गुनगुना होने पर गुहेरी वाली जगह पर 5 मिनट तक रखें।
  • आंखों की स्वच्छता: जब तक गुहेरी पूरी तरह ठीक न हो जाए, आईलाइनर, मस्कारा या कॉन्टैक्ट लेंस का प्रयोग बिल्कुल न करें। बेबी शैम्पू को पानी में मिलाकर रुई की मदद से पलकों के किनारों को धीरे से साफ करें।
  • कभी भी गुहेरी को फोड़ें नहीं: गुहेरी को पिंपल की तरह फोड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। इससे संक्रमण आंख के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है।

आंख में फुंसी/गुहेरी के लिए उपचार – Eye Stye Treatment Options

  • एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट का उपयोग।
  • जब बाहरी गुहेरी बेहद दर्दनाक हो जाती है और लंबे समय तक बनी रहती है, तो व्यक्ति को एक नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए, जो उसके पास की आईलैश को हटा सकता है और एक पतली सुई के साथ मवाद को दूर कर सकता है। यह प्रक्रिया केवल एक प्रोफेशनल से ही करवानी चाहिए।
  • यदि गुहेरी बनी रहती है, तो नेत्र रोग विशेषज्ञ एक टॉपिकल एंटीबायोटिक क्रीम या एंटीबायोटिक आई ड्रॉप की सलाह दे सकते हैं और यदि इंफैक्शन पलक के आसपास फैलता है, तो ऑरल एंटीबायोटिक्स की सलाह दी जा सकती है।
  • यदि फिर भी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो आंख की आगे की जांच की आवश्यकता होती है।

डॉक्टर से कब मिलें – When to Seek Medical Attention

अगर आपको गुहेरी है, तो निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से परामर्श लें, जैसे-  

  • अगर वह आंख के अंदर मौजूद हो।
  • ज़्यादा बड़ा हो गया हो।
  • ज़्यादा दर्द हो रहा हो।
  • कुछ दिन घरेलू इलाज करने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हो।
  • दृष्टि को प्रभावित करना शुरू कर दिया हो। 

इसके अलावा अगर आपकी आई स्टाई की समस्या फिर से बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। यह अंडरलाइंग कंडिशन जैसे कंजंक्टिवाइटिस, ब्लेफेराइटिस या सेल्युलाइटिस के कारण हो सकता है।

आंख में फुंसी/गुहेरी के उपचार के लिए बेस्ट आई हॉस्पिटल – Best Eye Hospitals for Eye Stye Treatment

भारत में एम्स, शंकरा नेत्रालय, एलवीपीईआई और आईमंत्रा जैसे आई स्टाइस उपचार और सर्जरी के लिए सबसे अच्छे नेत्र अस्पतालों में से एक हैं। आईमंत्रा आई स्टाइस (Eye Mantra Eye Styes) उपचार में सबसे है, जिसके डॉक्टरों द्वारा अब तक 10,000 से अधिक आंखों का ऑपरेशन किया जा चुका है।

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आंख में फुंसी/गुहेरी (आई स्टाइस) की सुविधाएं - Eye Styes Facilities

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आंख की गुहेरी (Stye) आमतौर पर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। इसे जल्दी ठीक करने और सूजन व दर्द कम करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:

  • गर्म सिकाई करें: साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ें और बंद आंख पर 10–15 मिनट रखें। इसे दिन में 3–4 बार दोहराया जा सकता है।
  • पलकों को साफ रखें: आंखों और पलकों को साफ रखें और उन्हें बार-बार छूने या रगड़ने से बचें।
  • गुहेरी को दबाएं या फोड़ें नहीं: इससे संक्रमण फैल सकता है और समस्या बढ़ सकती है।
  • आंखों का मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस ठीक होने तक इस्तेमाल न करें।
  • अगर गुहेरी बहुत दर्दनाक हो, दृष्टि प्रभावित हो, सूजन आंख के आसपास फैल रही हो या कई दिनों में सुधार न हो, तो नेत्र चिकित्सक से जांच करवाएं। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवा या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

आमतौर पर, सही देखभाल और गरम सिकाई के साथ गुहेरी 7 से 10 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाती है। अगर यह 2 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

गुहेरी के लिए साफ कपड़े से 10–15 मिनट तक गर्म सिकाई दिन में 3–4 बार करें और आंखों को छूने या रगड़ने से बचें।
गुहेरी को दबाएं या फोड़ें नहीं, और ठीक होने तक आंखों के मेकअप व कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल न करें।

अगर आपकी आंखों में बार-बार स्टाइस आती रहती है, तो इसका मतलब है कि आपकी पलकें ऑयली हैं या ब्लेफेराइटिस नामक स्थिति है। इस वजह से आपकी पलकें आसानी से इंफैक्टेड हो जाती हैं।

शायद ही कभी आई स्टाइस एक ही समय में दोनों आंखों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर व्यक्ति की एक आंख में ही स्टाई होता है। हालांकि रेयर केस में एक ही आंख में एक से अधिक या प्रत्येक आंख में एक से अधिक स्टाई हो सकते हैं।

नहीं, गुहेरी को कभी भी पिंपल की तरह फोड़ने या दबाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से बैक्टीरिया आपकी पूरी आंख में फैल सकता है, जिससे संक्रमण और सूजन और भी गंभीर हो सकती है।

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