
Dr. Shweta Jain
Cataract, LASIK & Cornea Specialist
With 15+ years of experience, Dr. Shweta has performed 20,000+ successful surgeries and is known for advanced cataract & LASIK expertise.
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“आंख की गुहेरी “, एक लाल गांठ के रूप में होती है, जिसमें एक दाना होता है और यह पलक के बाहरी किनारे पर होता है। यहां आपको आंख में फुंसी के बारे में कुछ बातें जानने की ज़रूरत हैं, जैसे-
यह गुहेरी का एक प्रकार है, जो पलकों की जड़ों (बालों के आधार) पर बनती है। यदि समय रहते इसका सही इलाज किया जाए, तो आमतौर पर यह नुकसानदेह नहीं होती। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित जगहों पर संक्रमण (Infection) के कारण हो सकती है:
पलकों की जड़ें (Eyelash Follicles): त्वचा में मौजूद वे छोटे-छोटे छिद्र (रूंप), जिनसे पलकें निकलती और बढ़ती हैं।
तैल ग्रंथि या ज़ीस ग्रंथि (Zeis Gland): यह ग्रंथि पलकों की जड़ों से जुड़ी होती है। यह एक प्राकृतिक तेल (सीबम) बनाती है, जो पलकों को नमी देता है और उन्हें सूखने से बचाता है।
मोल ग्रंथि (Moll Gland): यह एक प्रकार की पसीने (स्वेद) की ग्रंथि होती है, जो पलकों के किनारों पर पाई जाती है। यह भी पलकों में नमी बनाए रखने और उन्हें सूखने से रोकने का काम करती है।
यह गुहेरी का वह प्रकार है, जो पलक के अंदरूनी हिस्से में होता है। यह काफी दर्दनाक होती है और इससे आंखों में बहुत ज़्यादा तकलीफ होती है, इसलिए इसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
यह मुख्य रूप से मेइबोमियन ग्रंथि (Meibomian Gland) में संक्रमण (Infection) के कारण होती है। इस ग्रंथि का काम एक विशेष द्रव (तरल पदार्थ) बनाना है, जो हमारी आंखों के ऊपर आंसुओं की नमी वाली परत (Tear Film) बनाए रखता है और आंख को सूखने से बचाता है।
मरीज़ों द्वारा कुछ बातों का अनुभव किया जा सकता है, जैसे कि आंखों में जलन, पलकों के किनारों पर क्रस्टिंग, आईबॉल्स पर खुजली, लाइट से सेंस्टिविटी, आंसू, यह महसूस करना कि कुछ कण आंख में फंस गया है और गंभीर रूप आंखें झपकने के दौरान परेशानी।
मरीज़ की पलक पर एक दर्दनाक छोटी लाल गांठ होती है जो आंखों में आंसू पैदा करती है और लाल होती है। कभी-कभी यह फुंसी जैसी भी लगती है। आंख में फुंसी के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं-








वैसे तो गुहेरी से कोई बड़ी समस्या होना बहुत दुर्लभ है, फिर भी कुछ मामलों में यह जटिलताएं पैदा कर सकती है, जैसे:
यह पलक के अंदर मौजूद एक छोटी ग्रंथि (ग्लैंड) में बनने वाली गांठ या सिस्ट है। ये ग्रंथियां पलकों के किनारों पर एक तैलीय द्रव छोड़ती हैं, जिसे सीबम (Sebum) कहा जाता है। यह द्रव आंखों और पलकों में नमी बनाए रखने (लुब्रिकेट करने) का काम करता है।
यदि पलक के अंदरूनी हिस्से में बार-बार गुहेरी (Stye) होती रहे या ग्रंथि का रास्ता बंद (ब्लॉक) हो जाए, तो यह आगे चलकर चालाज़ियन (मेइबोमियन सिस्ट) का रूप ले सकती है।
अच्छी बात यह है कि चालाज़ियन का इलाज बहुत आसानी से और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
यह समस्या तब होती है, जब संक्रमण (Infection) फैलकर आंख के आसपास के ऊतकों (Tissues) तक पहुंच जाता है। इसके कारण आंख के चारों ओर की त्वचा में सूजन आ जाती है, जिससे पलकें अत्यधिक लाल और सूज जाती हैं।
इस स्थिति का उपचार एंटीबायोटिक्स है।
आमतौर पर आंख की गुहेरी, बंद पड़ी तेल ग्रंथि (Clogged Oil Gland) और बैक्टीरिया के कारण होती है। हमारे शरीर में अरबों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो सामान्यतः हमारे साथ एक परस्पर संतुलन (Symbiotic Relationship) में रहते हैं और कोई नुकसान नहीं पहुँचाते। लेकिन कभी-कभी कुछ परिस्थितियों के कारण ये बैक्टीरिया तेज़ी से बढ़ने लगते हैं और पलक पर एक फुंसी का रूप ले लेते हैं।
इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
हालाँकि गुहेरी की समस्या किशोरों (Adolescents) में अधिक देखी जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है।
ज्यादातर मामलों में, आंख की गुहेरी (Stye) को बिना किसी दवा के घर पर ही ठीक किया जा सकता है। नीचे दिए गए उपाय न केवल दर्द कम करते हैं, बल्कि सूजन को भी तेजी से घटाते हैं:
अगर आपको गुहेरी है, तो निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से परामर्श लें, जैसे-
इसके अलावा अगर आपकी आई स्टाई की समस्या फिर से बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। यह अंडरलाइंग कंडिशन जैसे कंजंक्टिवाइटिस, ब्लेफेराइटिस या सेल्युलाइटिस के कारण हो सकता है।
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Skilled in cataract, glaucoma management and corneal disorders.










आंख की गुहेरी (Stye) आमतौर पर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। इसे जल्दी ठीक करने और सूजन व दर्द कम करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
आमतौर पर, सही देखभाल और गरम सिकाई के साथ गुहेरी 7 से 10 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाती है। अगर यह 2 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
गुहेरी के लिए साफ कपड़े से 10–15 मिनट तक गर्म सिकाई दिन में 3–4 बार करें और आंखों को छूने या रगड़ने से बचें।
गुहेरी को दबाएं या फोड़ें नहीं, और ठीक होने तक आंखों के मेकअप व कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल न करें।
अगर आपकी आंखों में बार-बार स्टाइस आती रहती है, तो इसका मतलब है कि आपकी पलकें ऑयली हैं या ब्लेफेराइटिस नामक स्थिति है। इस वजह से आपकी पलकें आसानी से इंफैक्टेड हो जाती हैं।
शायद ही कभी आई स्टाइस एक ही समय में दोनों आंखों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर व्यक्ति की एक आंख में ही स्टाई होता है। हालांकि रेयर केस में एक ही आंख में एक से अधिक या प्रत्येक आंख में एक से अधिक स्टाई हो सकते हैं।
नहीं, गुहेरी को कभी भी पिंपल की तरह फोड़ने या दबाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से बैक्टीरिया आपकी पूरी आंख में फैल सकता है, जिससे संक्रमण और सूजन और भी गंभीर हो सकती है।