आंख की पलक में गांठ (चालाज़िया) क्या है? What is Chalazia?

चालाज़ियन (Chalazion, उच्चारण: कुह-ले-ज़ी-ऑन) पलक पर बनने वाली एक छोटी, सख्त गांठ है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है। यह ऊपरी या निचली, किसी भी पलक पर हो सकती है।

पलकों में मेइबोमियन ग्रंथियां (तेल बनाने वाली छोटी ग्रंथियां) होती हैं, जो आंख की सतह को नम रखने के लिए तेल बनाती हैं। जब इनमें से किसी ग्रंथि का रास्ता बंद हो जाता है, तो तेल बाहर नहीं निकल पाता और ग्रंथि के अंदर जमा होकर सूजन पैदा करता है। इसी से चालाज़ियन बनता है।

चालाज़ियन संक्रमण नहीं है, इसलिए यह छूने या संपर्क से किसी दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। आमतौर पर यह स्टाई की तुलना में कम दर्दनाक होता है।

यह समस्या 30 से 50 साल की उम्र के वयस्कों में ज़्यादा देखी जाती है, खासकर उनमें जिन्हें ब्लेफेराइटिस (पलकों के किनारों की पुरानी सूजन), रोसेशिया या सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी समस्याएं हों। अगर चालाज़ियन बार-बार होता है, तो इसकी वजह जानने के लिए नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवाना अच्छा रहता है।

चालाज़ियन और स्टाई (गुहेरी) में क्या अंतर है? – Chalazia vs Eye Stye

चालाज़ियन और स्टाई दोनों पलक पर गांठ जैसे दिखते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही समझ लेते हैं। लेकिन दोनों के कारण और इलाज अलग हैं।

विशेषता 

चालाज़ियन 

स्टाई (गुहेरी) 

दर्द 

आमतौर पर कम या नहीं 

अक्सर काफी दर्दनाक 

संक्रमण 

संक्रमण नहीं, रुकी हुई तेल ग्रंथि की सूजन 

बैक्टीरियल संक्रमण 

स्थान 

पलक के अंदर, किनारे से थोड़ा दूर 

पलक के किनारे पर, पलकों की जड़ के पास 

कारण 

मेइबोमियन ग्रंथि में रुकावट 

पलक की जड़ या तेल ग्रंथि में संक्रमण 

ठीक होने का समय 

अक्सर 2 से 8 हफ्ते 

स्टाई आमतौर पर 2 से 4 दिन में फूटकर ठीक होने लगती है 

इलाज 

गर्म सेक, कभी-कभी इंजेक्शन या छोटी सर्जरी 

गर्म सेक, डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक 

आंख की पलक पर गांठ (चालाज़िया) के लक्षण – Symtoms of Chalazia 

जब किसी व्यक्ति में चालाज़िया विकसित हो जाता है, तो उसमें निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं, जैसे-

bump on eye
दर्द रहित गांठ या पलक पर सूजन
Red, Swollen, and Painful Bump
लाल, सूजी हुई और दर्दनाक गांठ
Tender, Painful, or Swollen Eyelids.
कोमल, दर्दनाक या सूजी हुई पलकें
Woman-Covering-Eyes-With-Hands
प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि
hazel-eye-with-enlarged-blood-vessels
आँखें जल्दी लाल हो जाना
Blurred-vision
धुंधली दृष्टि

आंख की पलक पर गांठ (चालाज़िया) के कारण – Causes of Chalazia

चालाज़ियन का मुख्य कारण मेइबोमियन ग्रंथि में रुकावट है। जब ग्रंथि का तेल गाढ़ा होकर बाहर नहीं निकल पाता, तो वह ग्रंथि के अंदर जमा होकर सूजन पैदा करता है।
इन स्थितियों में चालाज़ियन होने का खतरा बढ़ जाता है:

  • ब्लेफेराइटिस: पलकों के किनारों की पुरानी सूजन
  • रोसेशिया: चेहरे की त्वचा की एक समस्या, जिसमें लालिमा और मवाद वाले छोटे दाने हो सकते हैं
  • सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस: त्वचा पर रूसी जैसी पपड़ी और सूजन की समस्या
  • पहले कभी चालाज़ियन या स्टाई हो चुका होना
  • पलकों की साफ-सफाई में कमी 

एक आम भ्रम: कई लोग मानते हैं कि चालाज़ियन किसी वायरस या संक्रमण से होता है। असल में यह रुकी हुई ग्रंथि की सूजन है, संक्रमण नहीं। हां, कभी-कभी रुकी हुई ग्रंथि में संक्रमण जुड़ सकता है। ऐसे में डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा दे सकते हैं।

आंख की पलक पर गांठ (चालाज़िया) के बचाव – Prevention of an Eyelid Bump (Chalazion)

  • आंखों या चेहरे को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
  • सोने से पहले चेहरा धोएं और आई मेकअप पूरी तरह हटा दें।
  • पलकों की नियमित सफाई रखें। अगर ब्लेफेराइटिस या रोसेशिया जैसी समस्या है, तो उसका इलाज करवाएं, क्योंकि यही चालाज़ियन के बार-बार होने की बड़ी वजह है।
  • आंखों को बार-बार न रगड़ें। दूसरों का आई मेकअप, तौलिया या रुमाल इस्तेमाल न करें।
  • पुराने या खराब हो चुके आई मेकअप प्रोडक्ट्स बदल दें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो लेंस की सफाई का पूरा ध्यान रखें।

आंख की पलक पर गांठ (चालाज़िया) का उपचार – Treatment of Chalazia 

चालाज़ियन का इलाज आमतौर पर सरल तरीकों से शुरू होता है, और ज़रूरत पड़ने पर ही अगले चरण पर जाते हैं। ज़्यादातर मामलों में गांठ गर्म सेक और सही देखभाल से ही ठीक हो जाती है।

घर पर देखभाल (गर्म सेक)

यह सबसे पहला और सबसे असरदार घरेलू उपाय है। गर्म सेक गांठ के अंदर जमे गाढ़े तेल को नरम करके निकलने में मदद करता है।

गर्म सेक करने का सही तरीका:

1. हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं।
2. एक साफ, मुलायम कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ लें। पानी इतना गर्म हो कि त्वचा सह सके। उबलता पानी बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
3. आंख बंद करके कपड़ा गांठ वाली पलक पर रखें।
4. 10 से 15 मिनट तक रखें। कपड़ा ठंडा हो जाए तो दोबारा गर्म कर लें।
5. सेक के बाद साफ उंगली से गांठ वाली जगह पर हल्की मालिश करें।
6. यह प्रक्रिया दिन में 3 से 4 बार, कई हफ्तों तक नियमित रूप से दोहराएं।

ध्यान रखें: गांठ को नाखून या उंगली से दबाकर फोड़ने की कोशिश कभी न करें। इससे संक्रमण और सूजन बढ़ सकते हैं।

दवाइयां

चालाज़ियन खुद संक्रमण नहीं है, इसलिए सिर्फ एंटीबायोटिक से गांठ अक्सर नहीं जाती। अगर डॉक्टर को लगे कि गांठ में संक्रमण भी जुड़ गया है, तो वे एंटीबायोटिक मलहम या ड्रॉप्स दे सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी मलहम या ड्रॉप आंख या पलक पर न लगाएं।

सर्जरी

सर्जरी की ज़रूरत तब पड़ती है जब गांठ कई हफ्तों की देखभाल के बाद भी न जाए, बहुत बड़ी हो, दृष्टि को प्रभावित करे या बार-बार लौट आए।

प्रक्रिया कैसे होती है:

  • पलक को लोकल एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाले इंजेक्शन) से सुन्न किया जाता है, इसलिए प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस नहीं होता।
  • डॉक्टर गांठ पर छोटा चीरा लगाकर अंदर जमा सामग्री साफ करते हैं। यह अक्सर पलक के अंदर की तरफ से किया जाता है, जिससे बाहर की त्वचा पर आमतौर पर निशान नहीं रहता।
  • पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 15 से 20 मिनट लगते हैं।
  • सर्जरी के बाद कुछ समय के लिए आंख पर प्रेशर पैच लगाया जा सकता है, और डॉक्टर संक्रमण से बचाव के लिए एंटीबायोटिक क्रीम या ड्रॉप्स लिख सकते हैं।
    – ज़्यादातर लोग लगभग 1 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं।

आंख की पलक पर गांठ (चालाज़ियन) की जटिलताएँ – Complications of an Eyelid Bump (Chalazion)

ज़्यादातर चालाज़ियन गंभीर समस्या नहीं बनते। लेकिन अगर गांठ लंबे समय तक रहे या बहुत बड़ी हो जाए, तो ये दिक्कतें हो सकती हैं:

  • धुंधला दिखना और एस्टिग्मेटिज़्म: बड़ी गांठ आंख की सतह (कॉर्निया) पर दबाव डालकर उसका आकार बिगाड़ सकती है, जिससे धुंधला दिखता है।
  • बच्चों में आंख की कमज़ोरी (एम्ब्लायोपिया): छोटे बच्चों में अगर बड़ा चालाज़ियन लंबे समय तक रहे, तो उस आंख की दृष्टि कमज़ोर पड़ने का खतरा रहता है। इसलिए बच्चों में बड़ी गांठ को जल्दी दिखाना चाहिए।
  • संक्रमण: रुकी हुई ग्रंथि में संक्रमण जुड़ सकता है, जिससे दर्द और लालिमा बढ़ते हैं। दुर्लभ मामलों में संक्रमण पलक के आसपास की त्वचा तक फैल सकता है, जिसे तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
  • प्योजेनिक ग्रेन्युलोमा: गांठ वाली जगह पर छोटी, गोल, लाल और मुलायम वृद्धि बन सकती है, जिसमें खून की नलियां ज़्यादा होती हैं और जो आसानी से खून बहा सकती है।
  • पलकों का झड़ना: गांठ वाली जगह की पलकें झड़ सकती हैं।
  • बार-बार होने वाला चालाज़ियन: अगर गांठ हर बार एक ही जगह दोबारा बन रही है, खासकर बड़ी उम्र के लोगों में, तो डॉक्टर बायोप्सी (गांठ के नमूने की जांच) की सलाह दे सकते हैं, ताकि किसी और गंभीर वजह को खारिज किया जा सके। यह दुर्लभ है और ज़्यादातर चालाज़ियन सामान्य ही होते हैं, लेकिन बार-बार होने पर जांच ज़रूरी है।

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आंख की पलक पर गांठ (चालाज़ियन) सुविधाएं - Chalazion Facilities

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

ज़्यादातर चालाज़ियन गर्म सेक और सही देखभाल से कुछ हफ्तों में, अक्सर लगभग एक महीने के अंदर ठीक होने लगते हैं। कुछ मामलों में इसमें 2 महीने तक लग सकते हैं। बेहतर नतीजे के लिए दिन में 3 से 4 बार, 10 से 15 मिनट गर्म सेक करें।

नहीं। चालाज़ियन रुकी हुई तेल ग्रंथि की सूजन है, संक्रमण नहीं। इसलिए यह एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता।

हां, कई मामलों में चालाज़ियन बिना किसी खास इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है। गर्म सेक और हल्की मालिश से यह प्रक्रिया तेज़ हो सकती है।

अगर लगभग 4 हफ्ते की नियमित गर्म सेक के बाद भी गांठ न घटे, तो नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएं। डॉक्टर जांच के बाद स्टेरॉयड इंजेक्शन या छोटी सर्जरी सुझा सकते हैं। गांठ को खुद दबाकर फोड़ने की कोशिश न करें।

सर्जरी लोकल एनेस्थीसिया में होती है, इसलिए पलक सुन्न रहती है और प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस नहीं होता। इसमें आमतौर पर 15 से 20 मिनट लगते हैं। बाद में कुछ लोगों को हल्की सूजन या बेचैनी हो सकती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

बार-बार होने की वजह अक्सर पलकों की पुरानी सूजन (ब्लेफेराइटिस), रोसेशिया, सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस या पलकों की साफ-सफाई में कमी होती है। इन समस्याओं का इलाज और रोज़ की पलक सफाई से चालाज़ियन दोबारा होने का खतरा कम हो सकता है। अगर गांठ हर बार एक ही जगह बन रही है, तो डॉक्टर से जांच ज़रूर करवाएं।

हां, बच्चों में भी चालाज़ियन हो सकता है। छोटी गांठ में गर्म सेक से आराम मिल सकता है, लेकिन बड़ी गांठ आंख की सतह पर दबाव डालकर धुंधला दिखा सकती है और छोटे बच्चों में आंख कमज़ोर होने का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए बच्चे की पलक पर गांठ दिखे, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।

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