
Dr. Shweta Jain
Cataract, LASIK & Cornea Specialist
With 15+ years of experience, Dr. Shweta has performed 20,000+ successful surgeries and is known for advanced cataract & LASIK expertise.
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चालाज़ियन (Chalazion, उच्चारण: कुह-ले-ज़ी-ऑन) पलक पर बनने वाली एक छोटी, सख्त गांठ है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है। यह ऊपरी या निचली, किसी भी पलक पर हो सकती है।
पलकों में मेइबोमियन ग्रंथियां (तेल बनाने वाली छोटी ग्रंथियां) होती हैं, जो आंख की सतह को नम रखने के लिए तेल बनाती हैं। जब इनमें से किसी ग्रंथि का रास्ता बंद हो जाता है, तो तेल बाहर नहीं निकल पाता और ग्रंथि के अंदर जमा होकर सूजन पैदा करता है। इसी से चालाज़ियन बनता है।
चालाज़ियन संक्रमण नहीं है, इसलिए यह छूने या संपर्क से किसी दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। आमतौर पर यह स्टाई की तुलना में कम दर्दनाक होता है।
यह समस्या 30 से 50 साल की उम्र के वयस्कों में ज़्यादा देखी जाती है, खासकर उनमें जिन्हें ब्लेफेराइटिस (पलकों के किनारों की पुरानी सूजन), रोसेशिया या सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी समस्याएं हों। अगर चालाज़ियन बार-बार होता है, तो इसकी वजह जानने के लिए नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवाना अच्छा रहता है।
चालाज़ियन और स्टाई दोनों पलक पर गांठ जैसे दिखते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही समझ लेते हैं। लेकिन दोनों के कारण और इलाज अलग हैं।
विशेषता | चालाज़ियन | स्टाई (गुहेरी) |
दर्द | आमतौर पर कम या नहीं | अक्सर काफी दर्दनाक |
संक्रमण | संक्रमण नहीं, रुकी हुई तेल ग्रंथि की सूजन | बैक्टीरियल संक्रमण |
स्थान | पलक के अंदर, किनारे से थोड़ा दूर | पलक के किनारे पर, पलकों की जड़ के पास |
कारण | मेइबोमियन ग्रंथि में रुकावट | पलक की जड़ या तेल ग्रंथि में संक्रमण |
ठीक होने का समय | अक्सर 2 से 8 हफ्ते | स्टाई आमतौर पर 2 से 4 दिन में फूटकर ठीक होने लगती है |
इलाज | गर्म सेक, कभी-कभी इंजेक्शन या छोटी सर्जरी | गर्म सेक, डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक |
जब किसी व्यक्ति में चालाज़िया विकसित हो जाता है, तो उसमें निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं, जैसे-






चालाज़ियन का मुख्य कारण मेइबोमियन ग्रंथि में रुकावट है। जब ग्रंथि का तेल गाढ़ा होकर बाहर नहीं निकल पाता, तो वह ग्रंथि के अंदर जमा होकर सूजन पैदा करता है।
इन स्थितियों में चालाज़ियन होने का खतरा बढ़ जाता है:
एक आम भ्रम: कई लोग मानते हैं कि चालाज़ियन किसी वायरस या संक्रमण से होता है। असल में यह रुकी हुई ग्रंथि की सूजन है, संक्रमण नहीं। हां, कभी-कभी रुकी हुई ग्रंथि में संक्रमण जुड़ सकता है। ऐसे में डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा दे सकते हैं।
चालाज़ियन का इलाज आमतौर पर सरल तरीकों से शुरू होता है, और ज़रूरत पड़ने पर ही अगले चरण पर जाते हैं। ज़्यादातर मामलों में गांठ गर्म सेक और सही देखभाल से ही ठीक हो जाती है।
यह सबसे पहला और सबसे असरदार घरेलू उपाय है। गर्म सेक गांठ के अंदर जमे गाढ़े तेल को नरम करके निकलने में मदद करता है।
गर्म सेक करने का सही तरीका:
1. हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं।
2. एक साफ, मुलायम कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ लें। पानी इतना गर्म हो कि त्वचा सह सके। उबलता पानी बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
3. आंख बंद करके कपड़ा गांठ वाली पलक पर रखें।
4. 10 से 15 मिनट तक रखें। कपड़ा ठंडा हो जाए तो दोबारा गर्म कर लें।
5. सेक के बाद साफ उंगली से गांठ वाली जगह पर हल्की मालिश करें।
6. यह प्रक्रिया दिन में 3 से 4 बार, कई हफ्तों तक नियमित रूप से दोहराएं।
ध्यान रखें: गांठ को नाखून या उंगली से दबाकर फोड़ने की कोशिश कभी न करें। इससे संक्रमण और सूजन बढ़ सकते हैं।
चालाज़ियन खुद संक्रमण नहीं है, इसलिए सिर्फ एंटीबायोटिक से गांठ अक्सर नहीं जाती। अगर डॉक्टर को लगे कि गांठ में संक्रमण भी जुड़ गया है, तो वे एंटीबायोटिक मलहम या ड्रॉप्स दे सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी मलहम या ड्रॉप आंख या पलक पर न लगाएं।
सर्जरी की ज़रूरत तब पड़ती है जब गांठ कई हफ्तों की देखभाल के बाद भी न जाए, बहुत बड़ी हो, दृष्टि को प्रभावित करे या बार-बार लौट आए।
प्रक्रिया कैसे होती है:
ज़्यादातर चालाज़ियन गंभीर समस्या नहीं बनते। लेकिन अगर गांठ लंबे समय तक रहे या बहुत बड़ी हो जाए, तो ये दिक्कतें हो सकती हैं:

Cataract, LASIK & Cornea Specialist
With 15+ years of experience, Dr. Shweta has performed 20,000+ successful surgeries and is known for advanced cataract & LASIK expertise.

Oculoplasty, Squint & Cataract Specialist
Dr. Khyati has 3.5+ years of experience and is skilled in phaco, squint correction and oculoplasty procedures.

Cataract & Anterior Segment Specialist
Experienced cataract surgeon known for safe, high-precision surgeries.

Glaucoma, Cataract & Cornea Specialist
Skilled in cataract, glaucoma management and corneal disorders.










ज़्यादातर चालाज़ियन गर्म सेक और सही देखभाल से कुछ हफ्तों में, अक्सर लगभग एक महीने के अंदर ठीक होने लगते हैं। कुछ मामलों में इसमें 2 महीने तक लग सकते हैं। बेहतर नतीजे के लिए दिन में 3 से 4 बार, 10 से 15 मिनट गर्म सेक करें।
नहीं। चालाज़ियन रुकी हुई तेल ग्रंथि की सूजन है, संक्रमण नहीं। इसलिए यह एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता।
हां, कई मामलों में चालाज़ियन बिना किसी खास इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है। गर्म सेक और हल्की मालिश से यह प्रक्रिया तेज़ हो सकती है।
अगर लगभग 4 हफ्ते की नियमित गर्म सेक के बाद भी गांठ न घटे, तो नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएं। डॉक्टर जांच के बाद स्टेरॉयड इंजेक्शन या छोटी सर्जरी सुझा सकते हैं। गांठ को खुद दबाकर फोड़ने की कोशिश न करें।
सर्जरी लोकल एनेस्थीसिया में होती है, इसलिए पलक सुन्न रहती है और प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस नहीं होता। इसमें आमतौर पर 15 से 20 मिनट लगते हैं। बाद में कुछ लोगों को हल्की सूजन या बेचैनी हो सकती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।
बार-बार होने की वजह अक्सर पलकों की पुरानी सूजन (ब्लेफेराइटिस), रोसेशिया, सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस या पलकों की साफ-सफाई में कमी होती है। इन समस्याओं का इलाज और रोज़ की पलक सफाई से चालाज़ियन दोबारा होने का खतरा कम हो सकता है। अगर गांठ हर बार एक ही जगह बन रही है, तो डॉक्टर से जांच ज़रूर करवाएं।
हां, बच्चों में भी चालाज़ियन हो सकता है। छोटी गांठ में गर्म सेक से आराम मिल सकता है, लेकिन बड़ी गांठ आंख की सतह पर दबाव डालकर धुंधला दिखा सकती है और छोटे बच्चों में आंख कमज़ोर होने का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए बच्चे की पलक पर गांठ दिखे, तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।