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रेटिना सर्जरी क्या है? Retina Surgery Kya Hai?

रेटिना कैमरे की फिल्म की तरह होती है, जो प्रोसेसिंग और एनालिसिस के लिए एमेज को दिमाग में ट्रांसफर करती है। टेक्नीकली यह आंख के पीछे के हिस्से में मौजूद एक लाइट-सेसीटिव मेम्बरेन है। जब लाइट आपकी आंख से होकर गुजरती है, तो लेंस आपके रेटिना पर एक इमेज फोकस करता है। रेटिना इमेज को सिग्नल्स में बदलकर ऑप्टिक नर्व के जरिए आपके दिमाग को भेजता है। रेटिना नॉर्मल विज़न की सप्लाई के लिए कॉर्निया, लेंस और आपकी आंख और दिमाग के अन्य हिस्सों के साथ काम करता है।

एक क्षतिग्रस्त (damaged) रेटिना नोटेबल विजुअल गड़बड़ी पैदा कर सकता है। चीज़ों को देखने में सबसी सबसे बड़ी बाधा है, जिसका सामना आपको भी करना पड़ सकता है। समय पर इलाज नहीं होने पर यह परेशानी हमेशा के लिए बनी रहती है।

Diabetic

रेटिनल सर्जरी इन मुद्दों को ठीक करने का ही एक प्रोसेस है, जिसे करने में आमतौर पर 1 से 2 घंटे लगते हैं। अगर समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता है, तो कई मरीज़ों में यह रेटिनल बीमारी परमानेंट विज़न लॉस की सबसे आम वजह बन जाता हैं।

रेटिनल बीमारी के लक्षण – Retinal Bimari Ke Lakshan

रेटिना सर्जरी की प्रक्रिया दर्द रहित होती है। हालांकि इसके विकसित होने या आगे बढ़ने से पहले लगभग हमेशा चेतावनी के संकेत होते हैं, जैसे:

what-are-floaters-and-flashes
फ्लोटर्स
Light flashes in one or both eyes (photopsia)
एक या दोनों आँखों में लाइट फ्लेशेस (फोटोप्सिया)
Fluctuating vision
धुंधली दृष्टि
Reduced side (peripheral) vision with time
समय के साथ साइड (पेरिफेरल) दृष्टि में कमी
A curtain-like shadow over your visual field
आपके विजुअल फील्ड पर पर्दे जैसी छाया

रेटिनल बीमारी के कारण – Retinal Bimari Ke Kaaran

रेटिना की समस्याओं का कारण बनने वाले कारकों में शामिल हैं:

Diabetes Mellitus
डायबिटीज़
Posterior vitreous detachment
पोस्टीरियर विट्रियस डिटैचमेंट
Family history of retinal detachment
रेटिनल डिटेचमेंट की फैमिली हिस्ट्री
trauma
आपकी आंख के लिए टॉमा
cataract
मोतियाबिंद हटाने की सर्जरी से कॉम्प्लीकेशन्स
The strain on the eye.
आई स्ट्रेन

रेटिना से जुड़ी समस्या – Retina Se Judi Samsya

In the primary stages of different retinal diseases usually, no symptoms are seen alone from the one change or blurring in vision power. Later on, stages of this disorder vision losses begin to happen which may get worse if not operated timely and properly.

डायबिटीक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy)

यह डायबिटीज की बीमारी वाले लोगों से जुड़ी सबसे आम समस्या है। डायबिटिक रेटिनोपैथी बीमारी में ब्लड शुगर का हद से ज्यादा बढ़ा हुआ लेवल रेटिना की ब्लड वैसेल्स को नुकसान पहुंचाता है। एडवांस लेवल में यह ब्लाइंडनेस की वजह भी बन सकता है।

प्रीमैच्योरिटी की रेटिनोपैथी (Retinopathy of Prematurity)

आरओपी आमतौर पर रेटिना की ब्लड वैसेल्स के असामान्य रूप से बढ़ने और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को नुकसान पहुंचाने के कारण होता है। यह रेटिना डिटेचमैंट और ब्लाइंडनेस की वजह बन सकता है।

उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन (Age-Related Macular Degeneration)

मैक्युला की क्षति से एएमडी हो सकता है, जिससे हमेशा के लिए दृष्टि जा सकती है।

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रेटिनल डिटैचमेंट (Retinal Detachment)

यह मुख्य रूप से नीचे की लेयर से रेटिना अलग होना है। अगर इसकी ठीक से देखभाल नहीं की जाती है, तो हमेशा के लिए दृष्टि खोने के चांस बढ़ जाते है।

हालांकि रिज़ल्ट्स के आधार पर और मरीज़ों को उनकी समस्या के आधार पर डॉक्टर के द्वारा या तो एंटी-वीईजीएफ थेरेपी कराने की राय दी जाती है या फिर फोटोडायनामिक थेरेपी का सुझाव दिया जाता है।

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रेटिना उपचार – Retina Upchar

अलग-अलग रेटिनल बीमारियों के प्राइमरी स्टेज में आमतौर पर अकेले कोई लक्षण नहीं देखें जा सकते है, परंतु इसके कारण बाद में विज़न लॉस होने लगती है। जोकि समय के साथ ऑपरेशन न करवाने पर और भी ज्यादा खराब हो सकती है। रेटिना की बीमारी के मामले में त्वरित ट्रीटमेंट (prompt treatment) करवाने से किसी की दृष्टि को फिर से ठीक किया जा सकता है। आप यदि समय पर इसका इलाज करवा लेते है तो आप इससे होने वाले नुकसान को भी कम कर सकते है। 

रेटिना का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ सामान्य रेटिनल बीमारियों जैसे डायबिटिक रेटिनोपैथी, रेटिनल डिटेचमेंट के उपचार के बारे में नीचे चर्चा की गई है:

आंखों के इंजेक्शन (Eye injections)

ये दवाएं जिन्हें वेस्कुलर एंडोथेलियल प्रोटीन (vascular endothelial protein – VEGF) अवरोधक कहा जाता है। यह नई ब्लड वैसेल्स को रिसीव करने के लिए शरीर द्वारा भेजे जाने वाले डेवलेपमेंंट सिग्नल्स के रिज़ल्ट्स को ब्लॉक करके नई ब्लड वैसेल्स के ब्लड वैसेल्स को रोकने में मदद कर सकती हैं। आपका डॉक्टर इन दवाओं को प्रिस्क्राइब कर सकता है। एक स्टैंड-अलोन ट्रीटमेंट के रूप में या पैन-रेटिनल फोटोकैग्यूलेशन के साथ, जिसे एंटी-वीईजीएफ थेरेपी भी कहा जाता है।

रेटिनल लेज़र – फोटोकोएग्यूलेशन (Retinal Laser – Photocoagulation)

डॉक्टर आमतौर पर इस प्रक्रिया का इस्तेमाल रेटिना डिटेचमेंट के स्टेज तक पहुंचने से पहले करते हैं। इसमें केवल आंसू या एक होल की मदद ली जाती है। इस प्रक्रिया को “फोटोकोएग्यूलेशन” कहा जाता है, जहां डॉक्टर एक फैली हुई पुतली के जरिए से लेजर को आंख में निर्देशित करता है, लेजर रेटिना के चारों ओर जलन पैदा करता है, जो निशान और आंसू को बंद कर देता है, ताकि वह अलग न हो और इसमें नुकसान निहित है।

स्क्लेरल बकलिंग (Scleral buckling)

ज्यादा सीरियस डिटेचमेंट के लिए आपको अस्पताल में आई सर्जरी करवाने की जरूरत पड़ सकती है। आपका डॉक्टर स्क्लेरल बकलिंग की सिफारिश कर सकता है। इसमें आपकी आई वॉल को आपके रेटिना में पहुंचाने के लिए आपकी आंख के बाहर के चारों ओर एक बैंड लगाया जाता है। इसे सही ट्रीटमेंट के लिए वापस जगह पर लाना पड़ता है। स्क्लेरल बकलिंग एक विट्रोक्टोमी के साथ कंजक्शन में किया जा सकता है। क्रायोपेक्सी या रेटिनोपेक्सी स्क्लेरल बकलिंग प्रोसेस के दौरान किया जाता है।

विट्रोक्टोमी (Vitrectomy)

एक और ऑप्शन विट्रोक्टोमी है, जिसका उपयोग लार्ज टियर के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एनेस्थीसिया शामिल है और इसे अक्सर एक आउट पेशेंट प्रोसेस के रूप में किया जाता है, लेकिन इसके लिए अस्पताल में रात भर रहने की ज़रूरत हो सकती है। आपका डॉक्टर असामान्य वैस्कुलर या कनेक्टीव टिश्यू और कांच आपके रेटिना से जैल जैसे निकलने वाले तरल पदार्थ से छुटकारा पाने के लिए छोटे डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, फिर वे आपके रेटिना को वापस उसकी सही जगह पर आमतौर पर गैस के बबल के साथ रख देते हैं।

रेटिनल सर्जरी के बाद बचाव – Retinal Surgery Ke Baad Bachav

  • आपसे अनुरोध है कि अपने रेटिनल उपचार के बाद सीधे घर जाएं।
  • आपको अपनी सर्जरी के बाद पहले दिन अपनी आँखें नहीं रगड़नी चाहिए।
  • सर्जरी के एक दिन बाद तक आपको आंखों के मेकअप या क्रीम से बचना चाहिए।
  • एक हफ्ते तक स्विमिंग, हॉट टब और गार्डनिंग से बचें।
  • सीधे अपनी आंखों में पानी डालने से बचें। आप सर्जरी के बाद दिन में शॉवर ले सकते हैं।
  • आप अपने काम पर वापस जा सकते हैं और सर्जरी के बाद डेली एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।
  • आपकी पहली पोस्टऑपरेटिव विज़िट में आपका डॉक्टर आपको बताएगा कि आप कब ड्राइविंग शुरू कर सकते हैं। ज्यादातर मरीज़ डॉक्टर की परमिशन से अपने प्रोसेस के अगले दिन से ही ड्राइविंग करना शुरू कर देते है।
  • आप अपनी रेटिना सर्जरी के बाद पहले कुछ घंटों के लिए लाइट के प्रति सेंसिटिविटी में वृद्धि महसूस कर सकते हैं। जब आपकी आंख लाइट के प्रति सेंसिटिव हों, तो धूप का चश्मा पहनना चाहिए।

सर्जरी के बाद कई दिनों तक लोगों को सिर की एक्यूरेट पॉजिशन बनाए रखनी चाहिए। अलग रेटिना के रिपेयर के लिए बबल को लंबे समय तक रखने के लिए यह ज़रूरी है। बबल लास्ट में अपने आप डिफलेक्टेड हो जाता है। लोगों को सर्जरी के बाद तीन सप्ताह तक ठीक होने की उम्मीद करनी चाहिए। इस समय के दौरान पेशेंट हवाई यात्रा नहीं कर सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से बबल बढ़ सकता है।

रेटिना उपचार की कीमत – Retina Upchar Ki Keemat

रेटिना उपचार की पूरी कीमत उस “प्रक्रिया के प्रकार” पर निर्भर करती है जिससे आप गुजरते हैं। उपचार की कीमत 3,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच होती है। रेटिना ट्रीटमेंट में शामिल कुछ प्रोसेस, इंजेक्शन, टेस्ट और सर्जरी की अनुमानित कीमत नीचे दी गई है।

रेटिनल उपचार कीमत (₹)
फंडस एंजियोग्राफी2,500
ओसीटी2000-3000
याग लेजर (सिंगल आईज)2000 – 3000
ग्रीन लेजर (सिंगल आईज)2000 – 3000
याग इरिडोटॉमी2000 – 3000
इंजेक्शन अवास्टिन10000 – 15000
इंजेक्शन Razumab20000 – 25000
इंजेक्शन एक्सेंट्रिक्स30000 – 40000
रेटिनल डिटैचमेंट सर्जरी40000 – 45000
विट्रोक्टोमी30000 – 40000

आई मंत्रा फाउंडेशन “समाज के वंचित वर्गों” को चेरिटेबल रेटिना उपचार सेवाएं भी प्रदान करता है। इसलिए यदि आपको रेटिनल आई ट्रीटमेंट की ज़रूरत है, लेकिन इलाज का खर्च उठाने में आप असमर्थ हैं, तो आप हमारे अस्पताल आ सकते हैं। आपका पूरा इलाज “मुफ्त या बहुत मामूली कीमत पर” किया जाएगा।

डॉक्टर्स - Doctors

सुविधाएं - Facilities

लगातार पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

किसी की आंख में दर्द हो सकता है और सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक दृष्टि धुंधली हो सकती है। यदि कोई डॉक्टर सर्जरी के दौरान रेटिना को समतल करने के लिए गैस के बबल का उपयोग करता है, तो उसे कुछ दिनों या उससे अधिक समय तक अपना सिर एक स्पेशफिक पोजिशन में रखना पड़ सकता है।

रेटिनल डिटेचमेंट 3 प्रकार के होते हैं:

  • रेग्मेटोजेनस (Rhegmatogenous)
  • ट्रैक्शनल (Tractional)
  • एक्सयूडेटिव (Exudative)

मरीज़ों में रेटिनल बीमारी के सबसे आम लक्षण धुंधली दृष्टि (blurred vision) और विकृत दृष्टि (distorted vision) से तुरंत नुकसान होता है।

ऑपरेशन/उपचार की कीमत 5,000 रुपये से 50,000 रुपये एक आंख की होती है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप यह कहां करवा रहें है। इसके अलावा डिटेचमेंट की डिग्री और आपके डॉक्टर के अनुभव पर भी सर्जरी का खर्च निर्भर करता है। ध्यान रखें कि परमानेंट विजन लॉस को रोकने के लिए सर्जरी ही एकमात्र ऑप्शन है, इसलिए इसे करवाना भी ज़रूरी है।

किसी ऑप्थामोलोजिस्ट द्वारा रेटिनल सर्जरी को करने में आमतौर पर 1 से 2 घंटे लगते हैं।

अलग हुए रेटिना के लिए अलग-अलग उपचार मुमकीन है, जैसे-:

  • लेज़र रेटिना रिपेयर
  • एयर या सिलिकॉन ऑयल के इंजेक्शन
  • विट्रोक्टोमी
  • स्क्लेरल बकल

सर्जरी के बाद तेज दर्द का अहसास होना आम नहीं है। आंख में तेज दर्द, तेज सिरदर्द, जी मिचलाना या उल्टी की जानकारी आपको अपने सर्जन को देनी चाहिए।

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