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वर्णांधता को ठीक करने वाले चश्में कितने प्रभावी हैं? – Color Blindness Ko Thik karne Waley Chasmein Kitne prabhavi Hain?

कलर ब्लाइंडनेस क्या है ? – Color Blindness Kya Hai?

जेनेटिक कलर ब्लाइंडनेस के पीछे का कारण रेटिना में एक या एक से अधिक कलर-सेंसिंग कोन फोटोरिसेप्टर की अनुपस्थिति या काम में समस्या है। रंग-सेंसिंग फोटोरिसेप्टर के कुल तीन टाइप के होते हैं। जिन लोगों को हरी लाइट (ड्यूटेरोनोमली) या लाल लाइट (प्रोटानोमली) का पता लगाने में मुश्किल होती है, वे कुछ प्रकाश तरंग दैर्ध्य (certain light wavelengths) के बीच एक ओवरलैपिंग महसूस करते हैं, जिनहें ब्रेन लाल या हरे रंग के रूप में डिस्क्राइब करता है।

इनहेरिटेड कलर ब्लाइंडनेस- जिसे कलर विजन डेफिसिएंसी के नाम से भी जाना जाता है- आज भी ठीक नहीं हुआ है, लेकिन हल्के लाल-हरे रंग के कलर -ब्लाइंडनेस वाले लोग स्पेशली तैयार किए गए कलर -करेक्टींग चश्मे पर भरोसा कर सकते हैं। ऐसे में ये ग्लास कुछ कलर्स के कॉन्ट्रास्ट को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। किसी व्यक्ति के कलर विज़न की कमी के टाइप और लिमिट के बेस पर रिजल्ट्स अलग हो सकते हैं।

कलर ब्लाइंडनेस एक आम बीमारी है, और यह खासतौर पर पुरुषों में देखने को ज्यादा मिलती है। कलर ब्लाइंडनेस एक इनहेरिटेड (विरासत में मिला) विकार है। अगर लोग अपनी आंख को चोट पहुंचाते हैं, या विज़न को प्रभावित करने वाली किसी अन्य बीमारी से पीड़ित है तो ऐसे लोग भी कलरब्लाइंडनेस के शिकार हो सकते हैं। विशेष दवाएं और उम्र बढ़ना भी कलर ब्लाइंडनेस का एक कारण हो सकता है।

कलर ब्लाइंडनेस चश्मा कैसे काम करता है? – Color Blindness Chashma Kaise Kaam Karta Hain?

नए चश्मे उन लोगों के लिए कलर विज़न में सुधार कर रहे हैं, जिनको लाल-हरे रंग-ब्लाइंडनेस के कॉमन फॉर्मस हैं। यह भी हो सकता है कि आपने पहली बार कलर ब्लाइंडनेस-करेक्टिंग चश्मों की कोशिश करने वाले लोगों के इमोशनल वायरल वीडियो देखे हों, लेकिन इस बीच सवाल यह है कि कलर ब्लाइंडनेस-करेक्टिंग ग्लासेज कितने प्रभावी हैं?

कलर ब्लाइंडनेस चश्मा स्पेशली स्पेसिफिक मिनरल्स के साथ बनाए जाते हैं. जोकि हरे और लाल रंगों के बीच कुछ तरंग दैर्ध्य (certain wavelengths) को ऑब्जर्ब और फ़िल्टर करते हैं। यह आपके ब्रेन को कंन्फ्यूज कर सकते हैं। डॉ. इवान श्वाब, एमडी, ऑप्थल्मोलॉजी के प्रोफेसर का कहना है कि चश्मे के जरिए से आने वाली कुछ रोशनी ब्लॉक्ड हो जाती है।

यह रुकावट लाल और हरे प्रकाश तरंग दैर्ध्य तरंग दैर्ध्य (certain wavelengths) को एक दूसरे के साथ ओवरलैप नहीं करने में मदद करती है। इस कम रंग ओवरलैपिंग के कारण, ब्रेन को समस्या के रंगों के बीच अंतर करने में मदद करने के लिए एक क्लियर सिग्नल प्राप्त होता है। EnChroma इन चश्मों के सबसे पॉपुलर टाइप्स में से एक है।

कलरब्लाइंडनेस चश्मा लाल या हरे रंग के फोटोरिसेप्टर की पूर्ण अनुपस्थिति वाले लोगों के लिए रंग के परशेप्शन को नहीं बदल सकता है। कलर ब्लाइंडनेस ग्लास के इफेक्ट का वांछित (desired) रिजल्ट्स केवल तब तक रहता है जब तक उन्हें पहना जाता है। कलर ब्लाइंडनेस को ठीक करने के लिए चश्मा किसी व्यक्ति के फोटोरिसेप्टर, ऑप्टिक नर्व या विजुअल कॉर्टेक्स को मोडिफाई नहीं करता है।

EnChroma कलरब्लाइंडनेस-करेक्टिंग ग्लासेस का सबसे पॉपुलर ब्रांड है। यह एक टेक्नालोजी कंपनी है, जो कैलिफोर्निया में स्थित है। EnChroma ग्लासों को यूसी बर्कले-रिसर्चर गणितज्ञ और अवधारणात्मक मनोविज्ञान (perceptual psychology) की फील्ड में रिसर्चर एंड्रयू श्मीडर द्वारा डिजाइन और डेवलप किया गया था, और डॉन मैकफर्सन, जो EnChroma के सह-संस्थापक के अलावा एक ग्लास रिसर्चर हैं, उन्होंने सर्जनों के लिए लेजर सुरक्षा चश्मे का आविष्कार किया।

बच्चों में कलर ब्लाइंडनेस – Bacchon Mein Color Blindness

20 में से 1 से अधिक लड़कों में कलर ब्लाइंडनेस है, इसलिए यह संभावना है कि हर क्लास में कम से कम एक बच्चा कलर विजन कॉम्प्लिकेशन से जूझता ही होगा। कलरब्लाइंडनेस वाले बच्चों की मदद करने के लिए माता-पिता और टीचर के लिए यहां टिप्स दी गई हैं:

  • अच्छी रोशनी से आंशिक कलर ब्लाइंडनेस वाले बच्चों के लिए रंग पहचानना आसान हो जाता है।
  • पेंसिल और पेंट जैसी सामग्री को रंग के बेस पर लेबल करें।
  • रंग न लगाएं – खिलौनों या किताबों के लिए कोड बॉक्स का इस्तेमाल करें, लेकिन उन्हें अलग-अलग साइज के साथ टैग करें।
  • रंग-पर-रंग वाली किताबों और टीचिंग मैटेरियल से बचें। कलरब्लाइंडनेस वाले बच्चों के लिए ब्लैक एंड व्हाइट सबसे अच्छा है।

 

चश्मा खरीदने से पहले ध्यान देने वाली बातें – Chashma kharidne Se Pehle Dhyan Deney Wali Batein

अगर आपको कलर ब्लाइंडनेस है, तो यहां लिखी कुछ बातों का ध्यान रखें:

कलर ब्लाइंडनेस चश्मा नाइट विजन खराब कर सकता है:

जैसे कि यह आंखों तक पहुंचने वाली लाइट के अमाउंट को कम कर देते हैं, इसलिए रात में कलर ब्लाइंडनेस चश्मा पहनना एक अच्छा आइडिया नहीं हो सकता है। आंखों में आने वाली लाइट के अमाउंट को कम करना विशेष रूप से उन लोगों के लिए एक प्रॉब्लम की वजह बन सकता है, जिन्हें मोतियाबिंद या मैकुलर डिजनरेशन जैसी अन्य आंखों की कंडिशन है। EnChroma मैन्युफैक्चरर, वाहन चलाते समय चश्मे का इस्तेमाल न करने की चेतावनी देता है। कंपनी एक इनडोर कलेक्शन प्रोवाइड करती है, जो कम रोशनी की कंडिशन के लिए कम रोशनी को रोकता है।

ये चश्मा महंगा हो सकता है या फिर यह आपको वह अनुभव न दें जिसकी आप उम्मीद कर रहे हैं:
कई कलरब्लाइंडनेस चश्मे की कीमत तो कई सौ डॉलर है। आपके द्वारा खरीदने से पहले ये चश्मा आपके विज़न को कितना बदल सकता हैं, इसकी यथार्थवादी अपेक्षाएँ (realistic expectations) तय करना जरूरी है। कलरब्लाइंडनेस चश्मा आमतौर पर बीमा द्वारा कवर नहीं किया जाता है, क्योंकि कलरब्लाइंडनेस किसी व्यक्ति की हेल्थ को इफेक्ट नहीं करता है, इसलिए ट्रीटमेंट मेडिकली जरूरी नहीं है।

कंट्रास्ट-बढ़ाने वाले चश्मे रंगीन चश्मे के समान नहीं होते हैं:
आपने रंगों के बीच अंतर को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए अन्य डिवाइस के बारे में सुना होगा, जैसे हंटिंग चश्मा या फोटोग्राफी के लिए कंट्रास्ट-बढ़ाने या फ़िल्टर वाले, पर इन प्रोड्क्टस को स्पेशीफिकली कलरब्लाइंडनेस वाले लोगों में कलर विज़न बढ़ाने के लिए डेवलप नहीं किया गया था।

 

रंगहीनता के इलाज के अन्य तरीके – Color Blindness Ke Upchar Ke Liy Anay Tarikey

यहां कुछ ऑप्शन हैं लेकिन यह बहुत लिमिटेड हैं। जीन थेरेपी को रिसर्चर्स द्वारा डेवलप किया गया है जिसमें लाल-हरे रंग के ब्लाइंड बंदरों को नए रंग देखने की परमिशन दी है। यह एक आशाजनक उपचार की तरह लगता है, लेकिन अभी तक इसका मनुष्यों पर टेस्ट नहीं किया गया है।

कलर ब्लाइंडनेस के लिए कॉन्टैक्ट लेंस मौजूद हैं। कलरमैक्स या एक्स-क्रोम जैसे ब्रांड अंधे लोगों के लिए कॉन्टैक्ट लेंस बनाते हैं।

आप उन दवाओं को बंद करने का प्रयास कर सकते हैं, जो आपकी “रंग दृष्टि खराब” (“color vision worse”) कर रही हैं, जैसे कि आपकी ब्लड प्रेशर की दवाएं और मनोरोग संबंधी दवाएं। यह भी तय करें कि आप किसी भी प्रिस्क्राइब दवा को बंद करने से पहले अपने डॉक्टर से मिल लें।

कलरब्लाइंडनेस ग्लासेज़ और आपकी दृष्टि – Color Blindness Glasses Aur Apka Vision

वर्णांधता (कलर ब्लाइंडनेस) व्यक्तियों में अलग-अलग तरह का हो सकता है। यह हल्का, माडियम या सीरियस हो सकता है। खराब कलर ब्लाइंडनेस वाले कुछ लोगों को शायद यह पता भी न चलता कि जिसे दूसरे लोग चमकीले पीले रंग के रूप में देख रहे हैं, वह आपको धूसर धूसर दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर कोई इसे इंडिकेट नहीं करता है, तो आपको इस प्रॉब्लम का पता भी नहीं चलेगा।

दुनिया के साथ आपकी बातचीत लिमिटेड कलर विज़न से एफेक्ट हो सकती है। “कलर ब्लाइंडनेस चश्मा” लगाने के बाद आपको रंगों को अलग तरह से देखना शुरू करने में 5-15 मिनट का समय लगेगा। कुछ मामलों में चश्मा पहनने और बदलाव देखने के लिए नए रंगों को देखने की प्रैक्टिस करने में कुछ समय लग जाता है। आपको ऐसे व्यक्ति की जरूरत हो सकती है, जो ऐसे रंगों को पिनप्वाइंट कर सके जो समृद्ध और यूनिक हों, ताकि आप उन्हें पहचानने के लिए अपनी आंखों को ट्रेन्ड कर सकें।

 

निष्कर्ष – Nishkarsh

कलर ब्लाइंडनेस चश्मे को “कलर ब्लाइंडनेस” की समस्या के इलाज के रूप में भ्रमित नहीं करना चाहिए। चश्मा उतारने के बाद दुनिया वैसी ही दिखेगी जैसी पहले थी। इस नई तकनीक के लिए रिएक्शन अलग-अलग हैं। कुछ लोग तुरंत ड्रामेटिक रिजल्ट्स को महसूस करते हैं, जबकि अन्य रियल लाइफ में इससे एफेक्ट नहीं होते हैं।

कलरब्लाइंडनेस चश्मा लेने से पहले अपने आई डॉक्टर से बात करें। वे आपकी आंखों की जांच करके आपको बता सकते हैं कि क्या आपको सच में इस तरह के उपचार की जरूरत है। वे आपसे स्पेशिफिक टाइप की कलर ब्लाइंडनेस के बारे में अपेक्षित संभावनाओं के बारे में बात कर सकते हैं। अपनी आंखों का इलाज करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने आई केयर प्रोफेशनल के पास जाएं और अपनी आंखों की रेगुलर जांच करवाएं। वह आपकी आंखों की बीमारी के इलाज के लिए बेस्ट तरीके की राय देंगे। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट Eyemantra पर जाएं। अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए +91-9711115191 पर कॉल करें। या हमें eyemantra1@gmail.com पर मेल करें। हमारी अन्य सेवाओं में शामिल हैं रेटिना सर्जरी, स्पेकस रिमूवल, मोतियाबिंद की सर्जरी, और भी बहुत कुछ।