आंखों में खुजली: कारण, प्रभाव और बचाव – Aankhon Mein Khujali (Itchy Eyes): Karan, Prabhav Aur Bachav

itchy eyes

आंखों में खुजली – Aankhon Mein Khujali (Itchy Eyes) 

आंखों में खुजली होने से आपके रोज़ के काम-काज और दैनिक गतिविधियों से बहुत ज़्यादा ध्यान भटकता है। इससे आंखें लाल हो जाती हैं जो बाद में दर्दनाक हो सकती हैं और परेशान कर सकती हैं। आप उन्हें ठीक करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं लेकिन उससे पहले आंखों में खुजली का कारण जानने से हमें सही इलाज का एक स्पष्ट रास्ता मिल जाता है।

आपको आंखों में खुजली के कई कारणों के बीच अंतर के बारे में पता होना चाहिए, उदाहरण के लिए, आपको आंखों की एलर्जी और संक्रमित आंख के लक्षणों में अंतर पता होना चाहिए। अंतर जाने बिना आप आंखों की स्थिति को और खराब कर सकते हैं। आंखों में खुजली (Itchy Eyes) होने के कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं।

आंखों में खुजली के कारण – Itchy Eyes Ke Karan

आंखों में खुजली कई कारणों से हो सकती है। आंखों में खुजली होने के कुछ सबसे सामान्य और प्रमुख कारणों के बारे में नीचे बताया गया है, जैसे- 

मौसमी एलर्जी

इसमें लोगों को हर साल एक ही समय पर आंखों में खुजली होने लगती है। आपको रैगवीड या उस विशेष मौसम में खिलने वाली किसी दूसरी चीज़ से भी एलर्जी हो सकती है। एलर्जी और इंफेक्शन के बीच अंतर करने का एक तरीका यह है कि एलर्जी में आपको छींकने और नाक बंद होने जैसी एलर्जी हो जाती है।

एलर्जी के लक्षण हिस्टामाइन नाम के कंपाउंड के कारण होते हैं। यह सेल्स द्वारा एलर्जी से बचाव के लिए रिलीज़ किया जाता है। यह जानने के लिए कि कॉमन साइन हैं कि हिस्टामाइन काम कर रहा है कि आपको खुजली और जलन होगी। आप किसी विशेष क्षेत्र में जाकर या उन चीज़ों से परहेज करके लक्षणों को कम कर सकते हैं जिनसे आपको एलर्जी है।

एलर्जी से बचने के लिए आप नीचे दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते हैं-

  • डेली मौसम रिपोर्ट पर ध्यान रखें। अगर मौसम सही नहीं है, तो बाहर जाने से बचें।
  • पराग के मौसम में घर में रहें और खिड़कियां बंद रखें।
  • पराग के संपर्क में आने से बचने और उन्हें अपने वायुमार्ग से दूर रखने के लिए अपने कपड़ों को बार-बार धोएं और खुद भी नहाएं।
  • बाहर जाते समय पोलन मास्क पहनें।
  • अगर आपको लक्षण या कोई अन्य गंभीर समस्या है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं।

एयरबोर्न इरिटेंट्स

airborne irritants

कुछ लोग धूम्रपान, परफ्यूम या शायद पेट्रोल और डीजल निकास के प्रति संवेदनशील होते हैं। उन्हें सलाह दी जाती है कि वे ऐसी जगहों पर जाने से बचें और इस तरह की जलन के संपर्क में आने से बचें।

अगर यह आपकी आंखों के लिए बहुत परेशानी का कारण बन रहा है, तो डॉक्टर आपको इसे ठंडा करने के लिए कुछ आई ड्रॉप्स के साथ लिख सकते हैं या आप इसे ठंडा करने के लिए अपनी बंद आंखों पर एक ठंडे और नम कपड़े का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

इंफेक्शन

आपकी आंखें वायरस, बैक्टीरिया और इंफेक्शन के प्रति काफी सेंस्टिव होती हैं। इसलिए आंखों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए उन्हें इन बीमारियों से बचाना ज़रूरी है। आंखों के संक्रमण के सबसे आम प्रकारों में से एक कंजक्टिवाइटिस है, जिसे गुलाबी आंख भी कहा जाता है। यह बहुत संक्रामक है और आंखों से ज़्यादा पानी निकलने का कारण भी बन सकता है।

आंखों के संक्रमण का एक अन्य प्रमुख कारण यूवाइटिस और आईरिस में सूजन भी हो सकता है। यह अत्यधिक दर्द और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता पैदा कर सकता है। दोनों तरह के इंफेक्शन का इलाज डॉक्टर द्वारा करवाया जाना चाहिए। गुलाबी आंखों के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स और स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है। यूवाइटिस के इलाज के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन संक्रमणों का अगर समय पर या ठीक से इलाज नहीं किया गया, तो इससे दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यूवाइटिस से अत्यधिक दृष्टि हानि या ग्लूकोमा या मोतियाबिंद जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। 

सूखी आंखें

जब आंखों में पानी का बनना कम हो जाता है या कई कारणों से बंद हो जाता है, तो इससे आंखों में सूखापन और खुजली होने लगती है। इसके पीछे का कारण है कि पानी, तेल और मसकस से बने आंसू आपकी आंखों को पोषण प्रदान करते हैं और उन्हें नम और तरोताजा रखते हैं।

सूखी आंखों का सबसे आम कारण बुढ़ापा हो सकता है। जैसे-जैसे आप बूढ़े होते हैं आपकी आंखें अंततः कमजोर होती जाती हैं जिससे कम या कोई आंसू उत्पादन नहीं होता है। अन्य कारण डायबिटीज़ या रुमेटोइड अर्थराइटिस हो सकते हैं। कुछ दवाएं सूखी आंखों का इलाज कर सकती हैं। इसलिए आंखों में कोई भी समस्या होने पर आंखों के डॉक्टर के पास ज़रूर जाएं। आपकी आंखों को नम और तरोताजा रखने के लिए डॉक्टर आपको कुछ आई ड्रॉप्स दे सकते हैं।

आंख पर जोर या तनाव

eye strain

लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करना, कम रोशनी में पढ़ना आपकी आंखों पर दबाव डाल सकता है, जिससे आंखों में खुजली और थकान हो सकती है। कम रोशनी या बहुत तेज रोशनी में ज्यादा देर तक गाड़ी चलाने से भी आंखों में खिंचाव हो सकता है।

आंखों में तनाव तब भी होता है जब आप थके होने पर भी देर रात तक जागते रहते हैं। आंखों के तनाव का सबसे अच्छा इलाज अपनी आंखों को आराम देना है। कोशिश करें कि आप अच्छी और पूरी नींद लें और अपनी आंखों पर ज़्यादा प्रेशर न डालें। उन्हें दिन में 3 से 4 बार धोकर ठंडा रखें और स्क्रीन पर ज्यादा काम करने से बचें।

कॉन्टैक्ट लेंस

कॉन्टैक्ट लेंस को बहुत देर तक पहनने या सोते समय कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आंखों में खुजली और दर्द हो सकता है। ध्यान रखें कि आप कॉन्टैक्ट लेंस का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल न करें क्योंकि यह आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर आप गलती से कॉन्टेक्ट लेंस लगाते समय सो जाते हैं, तो ध्यान रखें कि जैसे ही आप जागते हैं, वैसे ही आप अपनी आंखों को दिशा दें। नियमित जांच के लिए जाएं क्योंकि कॉन्टैक्ट लेंस को ऐसी जगह पर पहनने से बचें जहां आप चश्मा पहन सकते हैं।

आंखें मलना या रगड़ना

आंखों में खुजली होने पर लोग उन्हें मलने लग जाते हैं। हालांकि आप इस बात से अनजान होंगे कि आंखों को रगड़ने से आंखों की बीमारियां हो सकती हैं। जब आप अपनी आंखों को रगड़ते हैं, तो इससे कॉर्निया में खरोंच लग सकती है (आंख का वह हिस्सा जो लाइट को रिफ्रैक्टिंग करने और ब्लेंड करने के लिए जिम्मेदार होता है)। जैसे ही कॉर्निया प्रभावित होता है, अनुचित मात्रा में प्रकाश आंखों में प्रवेश कर सकता है जिससे नेत्र रोग हो सकते हैं। कभी-कभी दवाओं से कॉर्निया ठीक नहीं होता है, तो कॉर्निया के इलाज के लिए सर्जरी एकमात्र ऑप्शन बचता है। सर्जरी में डॉक्टर कॉर्निया के एक निश्चित हिस्से को आर्टिफिशियल टीशू से बदल देते हैं।

कुछ ऐसे भी मामले होते हैं जिनमें हालत इतनी खराब होती है कि सर्जरी से भी इसका इलाज नहीं किया जा सकता। कॉर्निया में खरोंच के कारण बहुत से लोग अंधे हो जाते हैं या उन्हें स्थायी दृष्टि की समस्या होती है। यह खरोंच तब होती है जब आप अपनी आंखों को रगड़ते हैं। इसलिए खुजली होने पर भी आंखों को न रगड़ें। इसके बजाय एक डॉक्टर से मिलें जहां वह आपकी आंखों को ठंडा रखने और खुजली से दूर रखने के लिए आपको कुछ आई ड्रॉप देंगे।

ज़रूरी बातें – Zaruri Baatein

आंखों में खुजली, लालपन या कोई दूसरी समस्या होने पर आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे- 

  • जैसे ही आपको आंखों में कोई भी परेशानी होने लगे, तो तुरंत किसी आंखों के डॉक्टर के पास जाएं। इलाज में देरी से बड़ा खतरा हो सकता है।
  • सूरज की रोशनी के संपर्क में आने पर अपनी आंखों को हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए धूप का चश्मा पहनें।
  • अपनी आंखों पर इस्तेमाल करने वाले अपने किसी भी सामान या कॉस्मेटिक को शेयर न करें क्योंकि यह इंफेक्शन को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा सकता है।
  • नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच कराएं, क्योंकि गलत तरीके या डेमेज कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आंखों को बहुत नुकसान हो सकता है।
  • उन जगहों पर जाने से बचें या उन उत्पादों का उपयोग करने से बचें जिनसे आपको एलर्जी है, इससे कई नेत्र रोग हो सकते हैं।
  • आंखों के तनाव से बचने के लिए कोशिश करें कि आप हर दिन अपनी 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करें।

बचाव के टिप्स – Bachav Ke Tips

इस समस्या का मूल कारण आपको उपचार और आवश्यक सावधानियों को तय करने में मदद करेगा जिन्हें आपको बरतने की ज़रूरत है, जैसे- 

  • आंखों के अच्छे स्वास्थ्य और स्वच्छता को बनाए रखने से आंखों का बार-बार सूखना बंद हो जाएगा।
  • शुष्क और गर्म हवा में ह्यूमिडिफ़ायर का उपयोग करने से आंखों में खुजली नहीं होगी।
  • दर्द या खुजली होने पर आंखों को रगड़ने से बचें।
  • इसके अलावा धूम्रपान और सुगंधित मोमबत्तियों से बचें क्योंकि इनसे निकलने वाला धुआं आंखों में जलन पैदा कर सकता है।
  • ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से बचें जो एलर्जी का कारण बन सकते हैं।
  • बाहर जाते समय धूप का चश्मा पहनें।
  • हाइड्रेटेड रहें।
  • स्वस्थ आहार बनाए रखें जिसमें तरल पदार्थ और विटामिन-ए शामिल हो।

आंखों में खुजली के घरेलू उपचार – Itchy Eyes Ke Gharelu Upchar

नीचे कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं जिनका इस्तेमाल करके आप घर पर ही रहकर अपनी आंखों में खुजली को कम कर सकते हैं, जैसे-

  • खीरे के स्लाइस
  • ठंडा सेक
  • ग्रीन टी बैग्स
  • पानी
  • एलोवेरा
  • गुलाब जल
  • विटामिन

निष्कर्ष – Nishkarsh

आंखों में खुजली होने से आपको अपने डेली रुटीन के काम करने पर फोकस करने में काफी परेशानी हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर के पास जाएं। यह इंफेक्शन, सूखी आंखें या एलर्जी जैसे कई कारकों के कारण हो सकता है। खुद ही अपनी आंखों का इलाज न करें क्योंकि सभी कारणों का इलाज अलग-अलग होता है। अगर आपके डॉक्टर आपको उस चीज़ के लिए अनुमति नहीं देते हैं, तो उन स्थानों पर जाने या उस काम को करने से बचें। आंखों को रगड़ें नहीं क्योंकि इससे कॉर्निया को नुकसान हो सकता है। रगड़ने के बजाय आप उन्हें हमेशा धो सकते हैं या आंखों पर ठंडे सेक का उपयोग कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आप अपनी आंखों को स्वस्थ रखें और उचित सावधानी बरतें।

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