आंखों के सामने तैरते छोटे धब्बे, धागे या मकड़ी के जाले जैसी आकृतियां, और रोशनी की अचानक चमक, इन्हें फ्लोटर्स और फ्लैशेस कहा जाता है। फ्लोटर्स सादी सतह, जैसे सफेद दीवार या नीले आसमान को देखते समय ज़्यादा साफ दिखते हैं, और आंख हिलाने पर ये भी हिलते हैं।
फ्लोटर्स आंख के अंदर भरे विट्रियस जेल में बने छोटे गुच्छों की छाया होते हैं, जो रेटिना पर पड़ती है। फ्लैशेस तब दिखते हैं जब विट्रियस जेल रेटिना को खींचता या रगड़ता है, जिससे रेटिना उत्तेजित होकर बिजली या कैमरा फ्लैश जैसी रोशनी दिखाता है।
ज़्यादातर मामलों में ये उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा होते हैं। लेकिन अचानक नए फ्लोटर्स या चमक रेटिना फटने या अलग होने का संकेत हो सकते हैं, इसलिए इन्हें नज़रअंदाज़ न करें। इस लेख में हम इनके कारण, इलाज और खतरे के संकेत समझाएंगे।
फ्लोटर्स और फ्लैशेस कब आपातकाल हैं? – When Are Floaters and Flashes an Emergency?
ज़्यादातर फ्लोटर्स और फ्लैशेस हानिरहित होते हैं। लेकिन कभी-कभी ये रेटिना में फटने (रेटिनल टियर) या रेटिना के अलग होने (रेटिनल डिटेचमेंट) का पहला संकेत होते हैं। यह एक आपातकालीन स्थिति है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर दृष्टि हमेशा के लिए जा सकती है।
अचानक फ्लोटर्स या चमक शुरू होने वाले करीब 10 से 15% लोगों में रेटिनल टियर पाया जाता है। इसलिए अगर आपको नीचे में से कोई भी लक्षण दिखे, तो इंतज़ार न करें और उसी दिन नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवाएं:
- अचानक बहुत सारे नए फ्लोटर्स (धब्बों की बौछार)
- रोशनी की चमक, जैसे बिजली या कैमरा फ्लैश, जो पहली बार दिखे या अचानक बढ़ जाए
- दृष्टि पर परदे या काली छाया का आना, खासकर किनारे से
- अचानक धुंधला दिखना या साइड की नज़र कम होना
- आंख में चोट लगने या आंख की सर्जरी के बाद ये लक्षण शुरू होना
इनमें खतरा ज़्यादा होता है: निकट-दृष्टिदोष (मायोपिया) वाले लोग, जिनकी आंख की मोतियाबिंद सर्जरी हो चुकी है, जिन्हें पहले रेटिनल टियर या डिटेचमेंट हुआ है, जिनके परिवार में रेटिनल डिटेचमेंट का इतिहास है, या जिन्हें आंख में चोट लगी है।
समय पर पकड़ में आने पर रेटिनल टियर को अक्सर लेज़र या क्रायोथेरेपी (ठंडक से सील करना) से सुरक्षित रूप से ठीक किया जा सकता है, और इससे रेटिनल डिटेचमेंट को रोका जा सकता है।
आंखों के सामने तैरती लकीरें और चमक क्या हैं? – What are Eye Floaters and Flashes?

आंखों में तैरती लकीरों के लिए व्यक्ति की दृष्टि रेखा के पार बहने वाले धब्बे, धागे और वेब जैसे नाम का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही इसे किसी व्यक्ति के दृष्टि क्षेत्र में घूमने वाले धब्बे या धुंधला भी कहा जाता है, जिन्हें खाली दीवार या नीले आकाश जैसे एक सादे बैकग्राउंड को देखते हुए ज़्यादा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। आमतौर पर आंखों के सामने तैरती लकीरें विट्रियस के अंदर मौजूद जेल या कोशिकाओं के छोटे-छोटे गुच्छे होते हैं, जो छोटे बिंदु, गोले, रेखाओं, बादल या मकड़ी के जाले जैसे अलग-अलग आकार में आते हैं। हालांकि आपके द्वारा देखी जाने वाली यह अमीबिड वस्तुएं आपकी आंख के सामने जैसी दिखती हैं और इसके अंदर तैर रही होती हैं। व्यक्ति द्वारा देखी जाने वाली वस्तु वास्तविक न होकर रेटिना पर पड़ने वाली उसकी छाया होती है। आंखों के सामने तैरती यह लकीरें अचानक विकसित होने पर खतरनाक होती हैं।
हम आंखों के सामने तैरती लकीरें और चमक क्यों अनुभव करते हैं?
आंखों के सामने तैरती लकीरें या आंखों में दिखाई देने वाले धब्बे काफी सामान्य है। आमतौर पर यह उम्र बढ़ने के साथ कांच का हास्य (विट्रियस ह्यूमर) सिकुड़ने के कारण होता है। चालीस से पचास प्रतिशत बुजुर्ग आबादी में एक अलग कांच का हास्य होता है। हालांकि, अगर आपको इन तैरती लकीरों की तीव्रता या घनत्व और प्रकाश की चमक के अचानक बढ़ने के कारण परिधीय दृष्टि की हानि, धुंधली दृष्टि या आंखों में दर्द का अनुभव हो सकता है, जिसके लिए आपको तुरंत किसी पेशेवर नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
आखों में चमक शब्द का इस्तेमाल प्रकाश की उन चिंगारियों या तारों के लिए किया जाता है, जो व्यक्ति के दृश्य क्षेत्र को पार और परेशान करते हैं। जब आंख के अंदर मौजूद विट्रियस जेल रेटिना को रगड़ता या खींचता है, तो व्यक्ति को अपनी दृष्टि के सामने चमकती रोशनी या हल्की धारियों के तैरने का अहसास होता है। यह अहसास खासतौर से उन लोगों द्वारा अनुभव किया जा सकता है, जिन्हें कभी आंखों में चोट लगी हो और उन्होंने अपनी दृष्टि के सामने इन तारों यानी लकीरों को तैरते हुए देखा हो।
आंखों में यह प्रकाश की चमक और बिजली की धारियां कई हफ्तों या महीनों तक बंद या चालू रह सकती हैं। किसी व्यक्ति को होने वाली चमक की घटना भी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है और इसलिए जैसे-जैसे कोई बड़ा होता है, यह ज़्यादा सामान्य हो जाता है। अगर आप अचानक चमक की यह उपस्थिति देखते हैं, तो आपको अपने नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
उम्र के साथ फ्लोटर्स और फ्लैशेस क्यों होते हैं? – Why Do Floaters and Flashes Happen with Age?
आंख के अंदर का विट्रियस एक साफ, गाढ़ा जेल होता है। उम्र बढ़ने के साथ यह जेल पतला और पानी जैसा होता जाता है, और उसमें छोटे रेशे गुच्छों में जमा होने लगते हैं। ये गुच्छे रेटिना पर छाया डालते हैं, और यही हमें फ्लोटर्स के रूप में दिखते हैं।
कुछ समय बाद सिकुड़ता हुआ विट्रियस रेटिना से अलग हो जाता है। इसे पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट (PVD) कहते हैं। यह फ्लोटर्स और फ्लैशेस का सबसे आम कारण है, और ज़्यादातर मामलों में यह दृष्टि के लिए खतरा नहीं होता। PVD के दौरान चमक कई हफ्तों या महीनों तक आती-जाती रह सकती है।
लेकिन कभी-कभी विट्रियस रेटिना से बहुत मज़बूती से चिपका होता है और अलग होते समय रेटिना को खींचकर फाड़ देता है। रेटिनल टियर से खून रिस सकता है, जो नए फ्लोटर्स की तरह दिखता है। अगर टियर का इलाज न हो, तो उसके रास्ते से द्रव रेटिना के पीछे जाकर उसे अलग कर सकता है (रेटिनल डिटेचमेंट), जिससे दृष्टि जाने का खतरा रहता है।
इसीलिए नए फ्लोटर्स या नई चमक दिखने पर एक बार आंखों की जांच करवाना ज़रूरी है, भले ही बाद में सब कुछ सामान्य निकले।
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: विट्रियस ह्यूमर क्या है और रेटिनल डिटेचमेंट।
क्या लगातार आंखों के सामने तैरती लकीरें और चमक ठीक हैं?
मध्यम आयु तक पहुंचने पर लोगों का विट्रियस जेल धीरे-धीरे सिकुड़ना शुरू कर सकता है, जिससे आंख के अंदर छोटे-छोटे गुच्छे बन जाते हैं। आंखों के सामने यह तैरती लकीरें अक्सर विट्रियस जेल के रेटिना से दूर होने पर दिखाई देती हैं, जिससे पोस्टीरियर विटेरस डिटेचमेंट (पीवीडी) होता है। कुछ मामलों में रेटिना फट भी सकता है, क्योंकि सिकुड़ा हुआ विट्रियस जेल रेटिना से दूर हो जाता है, जो रेटिनल डिटेचमेंट जैसी गंभीर समस्या का कारण भी बन सकता है।लोगों को आंखों के सामने तैरती लकीरों और चमक का अनुभव विट्रियस जेल सिकुड़ने के कारण होता है। आपके दृष्टि क्षेत्र में तैरती लकीरें छोटे आकार और चमक लाइटिंग स्ट्रीक्स या कैमरा फ्लैश की तरह दिखते हैं। आमतौर पर फ्लोटर्स और फ्लैशेस दोनों ही हानिरहित होते हैं, लेकिन कभी-कभी यह संभावित आंखों की समस्या का चेतावनी संकेत भी हो सकते हैं। अचानक विकसित होने पर यह स्थिति ज़्यादा गंभीर होती है। आंखों के सामने तैरती लकीरों और चमक का मुख्य कारण उम्र के साथ विट्रियस का पतला होना है। अचानक दृष्टि क्षेत्र के सामने तैरती लकीरें विकसित होने पर आपको तुरंत एक नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
फ्लोटर्स या चमक का क्या कारण है?- What Causes Floaters or Flashes of Light in the Eyes?
आंखों के सामने तैरती लकीरें और चमक के निम्नलिखित कारण हैं :
1. आंख की चोट
अगर आपको हाल ही में आंख में चोट लगी है तो आपके दृष्टि क्षेत्र के सामने तैरती लकीरों और चमक का अहसास होने की ज़्यादा संभावना है।
2. निकट-दृष्टिदोष
विट्रियस सिनेरिसिस और निकट दृष्टिदोष यानी मायोपिया से पीड़ित लोगों में भी तैरती हुई लकीरों और चमक अनुभव होने की संभावना ज़्यादा होती है।
3. मोतियाबिंद सर्जरी
मोतियाबिंद सर्जरी से पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट हो सकता है, जिसमें विट्रियस के अंदर के टिश्यू अलग हो जाते हैं और इसलिए रेटिना पर छाया डालते हैं। यह स्थिति भी किसी व्यक्ति को आंखों के सामने तैरती लकीरों और चमक का अनुभव करा सकती है।
4. डायबिटीज
फ्लोटर्स और फ्लैशेस को डायबिटीज से संबंधित आंखों की बीमारियों के प्रमुख लक्षणों में गिना जाता है। डायबिटीज का निदान किये जाने पर किसी व्यक्ति में डायबिटीक आंखों की बीमारी या डायबिटीक रेटिनोपैथी विकसित होने की संभावना होती है, जो बदले में दृष्टि के सामने तैरती लकीरें और चमक बनाता है। डायबिटिक आंखों की बीमारी वैस्कुलर सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे गंभीर सूजन हो सकती है और इसलिए फ्लोटर्स और फ्लैश शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकते हैं। ज़रूरी ध्यान और देखभाल नहीं दिये जाने से डायबिटिक मरीज़ को दृष्टि हानि या धुंधली दृष्टि का अनुभव भी हो सकता है।
5. रेटिनाइटिस
रेटिनाइटिस रेटिना की सूजन है, जो संक्रमण या अन्य कारणों से हो सकती है। सूजन की कोशिकाएं और मलबा विट्रियस में पहुंचकर फ्लोटर्स की तरह दिख सकते हैं, और कुछ लोगों में दृष्टि भी कम हो सकती है। इसकी सही जांच और इलाज रेटिना विशेषज्ञ ही कर सकते हैं।
6. आंख में संक्रमण
आंख में किसी भी प्रकार का इंफेक्शन आंखों के पिछले हिस्से में यूवीया की परतों में सूजन का कारण बनता है और बदले में यह सूजन वाले अवशेष को विट्रियस में छोड़ देता है, जिसे आंखों के सामने तैरती हुई लकीरों या धब्बों के तौर पर देखा जाता है।
7. विट्रियस में रक्तस्राव
डायबिटीज़ की रेटिना की बीमारी, रेटिनल टियर या आंख की चोट की वजह से विट्रियस जेल में खून आ सकता है। यह खून अचानक काले या लाल-भूरे धब्बों, धुंध या बड़े फ्लोटर्स की तरह दिखता है। यह तुरंत जांच की ज़रूरत वाला लक्षण है।
8. माइग्रेन की चमक
कभी-कभी चमक आंख की समस्या से नहीं, बल्कि माइग्रेन से जुड़ी होती है। इसमें आमतौर पर दोनों आंखों में टेढ़ी-मेढ़ी, चमकती रेखाएं या झिलमिलाहट दिखती है, जो करीब 20 से 30 मिनट में खत्म हो जाती है, और अक्सर बाद में सिरदर्द होता है। फिर भी, अगर चमक पहली बार दिखी है, तो आंखों की जांच करवा लेना सुरक्षित रहता है।
फ्लोटर्स और फ्लैशेस का इलाज – Treatment of Floaters and Flashes

इलाज इस पर निर्भर करता है कि आपके फ्लोटर्स या चमक की वजह क्या है।
सबसे पहले: आंखों की जांच
नए फ्लोटर्स या चमक दिखने पर डॉक्टर पुतली फैलाकर रेटिना की पूरी जांच (डायलेटेड आई एग्ज़ाम) करते हैं, ताकि रेटिनल टियर या डिटेचमेंट का पता चल सके। इस जांच में डाली जाने वाली बूंदें सिर्फ पुतली को फैलाने के लिए होती हैं, ये फ्लोटर्स का इलाज नहीं हैं। इनका असर कुछ घंटों तक रहता है, इसलिए उस दौरान धुंधला दिखना और तेज़ रोशनी में परेशानी होना सामान्य है। जांच के लिए किसी को साथ लाएं और उस दिन खुद गाड़ी न चलाएं।
अगर रेटिना ठीक है
ज़्यादातर लोगों को किसी इलाज की ज़रूरत नहीं होती। फ्लोटर्स अक्सर पूरी तरह गायब नहीं होते, लेकिन समय के साथ वे विट्रियस में नीचे बैठ जाते हैं और दिमाग उनका आदी हो जाता है, इसलिए वे कम परेशान करते हैं। डॉक्टर आमतौर पर निगरानी की सलाह देते हैं और बताते हैं कि किन लक्षणों पर दोबारा आना है।
ध्यान दें: कोई आई ड्रॉप, विटामिन या सप्लीमेंट फ्लोटर्स को नहीं सकता। ऐसे दावे करने वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें।
अगर रेटिनल टियर मिले
छोटे टियर को अक्सर लेज़र फोटोकोएगुलेशन या क्रायोथेरेपी (ठंडक से सील करना) से बंद किया जाता है, जो कई मामलों में क्लिनिक में ही हो जाता है। समय पर इलाज से रेटिना को अलग होने से रोका जा सकता है और दृष्टि का नतीजा आमतौर पर अच्छा रहता है।
अगर रेटिनल डिटेचमेंट हो जाए
यह आपातकाल है और इसके लिए तुरंत सर्जरी की ज़रूरत होती है। विस्तार से पढ़ें: रेटिनल डिटेचमेंट।
अगर फ्लोटर्स महीनों बाद भी बहुत परेशान करें
अगर फ्लोटर्स पढ़ने, ड्राइविंग या रोज़ के कामों में रुकावट डालते रहें, तो रेटिना विशेषज्ञ चुनिंदा मामलों में ये विकल्प बता सकते हैं:
विट्रेक्टॉमी (पार्स प्लाना विट्रेक्टॉमी): इसमें सर्जरी करके विट्रियस जेल निकालकर उसकी जगह साफ द्रव डाला जाता है। इसमें मोतियाबिंद बनने, रेटिना में टियर या डिटेचमेंट और संक्रमण जैसे जोखिम हैं, इसलिए यह सिर्फ गंभीर मामलों में आखिरी विकल्प के तौर पर चुना जाता है।
लेज़र विट्रियोलिसिस (YAG लेज़र): बड़े और अलग दिखने वाले फ्लोटर्स को लेज़र से तोड़ा जाता है। यह हर फ्लोटर पर संभव नहीं है। रेटिना के बहुत पास वाले फ्लोटर्स पर यह सुरक्षित नहीं होता, और नतीजे अलग-अलग लोगों में अलग होते हैं।
रेटिनल डिटेचमेंट के मामले में भविष्य में होने वाली गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट ज़रूरी है। इसमें उपचार के साथ ज़्यादातर मरीज़ अपनी स्वस्थ दृष्टि को बहाल कर सकते हैं, जिसमें रेटिनल टियर वाले व्यक्ति भी शामिल हैं।
| स्थिति | क्या होता है | इलाज |
|---|---|---|
| सामान्य फ्लोटर्स (PVD, रेटिना ठीक) | विट्रियस जेल में बदलाव के कारण आँखों के सामने धब्बे या तैरती हुई आकृतियाँ दिखना | निगरानी; आमतौर पर इलाज की ज़रूरत नहीं होती |
| रेटिनल टियर (Retinal Tear) | रेटिना में फटना | लेज़र या क्रायोथेरेपी |
| रेटिनल डिटेचमेंट (Retinal Detachment) | रेटिना अपनी जगह से हट जाता है | तुरंत सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है |
| बहुत परेशान करने वाले फ्लोटर्स | फ्लोटर्स के कारण रोज़मर्रा के कामों में रुकावट आना | चुनिंदा मामलों में लेज़र विट्रियोलिसिस या विट्रेक्टॉमी पर विचार किया जा सकता है |
निष्कर्ष – Conclusion
अगर आप भी दृष्टि के सामने तैरती लकीरों और चमक का कोई लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो आज ही हमारे दिल्ली के आई मंत्रा हॉस्पिटल में विज़िट करें, जहां अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों की हमारी टीम आपकी बीमारी के इलाज का सर्वोत्तम तरीके से आंकलन करने में सक्षम है।अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट eyemantra.in पर जा सकते हैं। अपनी अपॉइंटमेट बुक करने के लिए हमें अभी +91-9711115191 पर कॉल करें या हमें eyemantra1@gmail.com पर मेल करें। हम रेटिना सर्जरी, चश्मा हटाना, लेसिक सर्जरी, भेंगापन, मोतियाबिंद सर्जरी और ग्लूकोमा सर्जरी आदि सेवाएं प्रदान करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल? – Frequently Asked Questions?
उत्तर: फ्लोटर्स आंख के अंदर के विट्रियस जेल में बने छोटे गुच्छों की छाया होते हैं, जो रेटिना पर पड़ती है। ये उम्र के साथ जेल के पतले होने और सिकुड़ने से बनते हैं, और ज़्यादातर हानिरहित होते हैं।
उत्तर: चमक तब दिखती है जब विट्रियस जेल रेटिना को खींचता या रगड़ता है और रेटिना उत्तेजित हो जाता है। यह आमतौर पर पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट के दौरान होता है। माइग्रेन में भी चमक दिख सकती है।
उत्तर: अगर अचानक बहुत सारे नए फ्लोटर्स दिखें, चमक पहली बार दिखे या बढ़ जाए, दृष्टि पर काला पर्दा या छाया आए, या अचानक धुंधला दिखे, तो यह रेटिनल टियर या डिटेचमेंट का संकेत हो सकता है। ऐसे में उसी दिन नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएं।
उत्तर: ज़्यादातर फ्लोटर्स पूरी तरह गायब नहीं होते, लेकिन अक्सर समय के साथ वे नीचे बैठ जाते हैं और दिमाग उनका आदी हो जाता है, इसलिए वे कम दिखते और कम परेशान करते हैं।
उत्तर: नहीं। कोई आई ड्रॉप, विटामिन या सप्लीमेंट फ्लोटर्स को नहीं घुला सकता। जांच के समय पुतली फैलाने के लिए जो बूंदें डाली जाती हैं, वे सिर्फ रेटिना देखने में मदद करती हैं।
उत्तर: ज़्यादातर फ्लोटर्स को इलाज की ज़रूरत नहीं होती। बहुत परेशान करने वाले फ्लोटर्स में चुनिंदा मामलों में लेज़र विट्रियोलिसिस या विट्रेक्टॉमी का विकल्प होता है, जिनके अपने जोखिम हैं। अगर वजह रेटिनल टियर है, तो उसका लेज़र या क्रायोथेरेपी से इलाज किया जाता है।
उत्तर: हां, यह जांच करवाने लायक संकेत है। एक आंख में अचानक नए फ्लोटर्स अक्सर पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट के कारण होते हैं, लेकिन कभी-कभी इनके पीछे रेटिनल टियर या खून का रिसाव होता है, इसलिए उसी दिन जांच करवाना सुरक्षित है।

