आंखों की पावर क्या होती है – What Is The Power Of The Eyes?
जब भी आप आँखों की जाँच के बाद प्रिस्क्रिप्शन पेपर हाथ में लेते हैं, तो उस पर लिखे OD, OS, SPH जैसे शब्द और नंबर पहली नज़र में उलझे हुए लग सकते हैं। लेकिन असल में ये नंबर बहुत सीधी भाषा में आपकी आंखों की सेहत के बारे में बताते हैं।
यह संख्या आमतौर पर (+/-) 0 से 20 डायोप्टर (D) के बीच होती है:
- 0 का मतलब है सामान्य दृष्टि, लेंस की कोई ज़रूरत नहीं।
- संख्या जितनी ज़्यादा 0 से दूर होगी, उतनी ही ज़्यादा पावर वाले लेंस की ज़रूरत होगी।
प्रिस्क्रिप्शन में तीन मुख्य लैटिन शब्द इस्तेमाल होते हैं:
- OD (Oculus Dextrus) – दाहिनी आंख
- OS (Oculus Sinister) – बाईं आंख
- OU (Oculus Uterque) – दोनों आंखें
आंखों की पावर की डिस्क्रिप्शन टर्म – Eye Power Description Terms
आंखों की पावर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अलग-अलग टर्म हैं, जैसे-
| टर्म | पूरा नाम | मतलब |
|---|---|---|
| SPH | Spherical | निकट/दूरदृष्टि दोष की मुख्य पावर |
| CYL | Cylinder | एस्टिग्मेटिज़्म (आंख का अनियमित आकार) |
| AX | Axis | एस्टिग्मेटिज़्म की दिशा (0°–180°) |
| Vision | Visual Acuity | आपकी देखने की क्षमता (जैसे 6/6) |
| Prism | Prism Correction | डबल विज़न ठीक करने के लिए |
| Base | Base Direction | प्रिज्म किस दिशा में लगेगा |
एसपीएच (SPH)
प्रिस्क्रिप्शन में एसपीएच शब्द का अर्थ है अदूरदर्शिता और दूरदर्शिता के लिए करेक्टिव स्फेरिकल। विशिष्ट एसपीएच नंबर 0 से ±20 तक है। नंबर 0 से जितना दूर होगा, आपको उतने ही मोटे लेंस की आवश्यकता होगी।
सीवाईएल (CYL)
सीवाईएल सिलेंडर की शॉर्ट फॉर्म है। सीवाईएल (CYL) के नीचे लिखी संख्या एस्टिग्मेटिज़्म (ऐसी समस्या जिसमें आपकी आंखें अनियमित आकार की होती हैं) को इंडिगेट करती हैं।
एएक्स (AX)
एक्सिस एस्टिगमेटिज़्म की डिग्री की व्याख्या करता है, जो 0 से 180 तक है। अगर आपको एस्टिगमेटिज़्म नहीं है, तो सीवाईएल और एएक्स ज़ीरो होंगे। एएक्स और सीवाईएल साथ-साथ चलते हैं और दोनों का उपयोग आपके एस्टिगमेटिज़्म को मापने के लिए किया जाता है।
दृष्टि (Vision)
दृश्य तीक्ष्णता (विज़ुअल एक्युटी) की जांच के लिए विज़न टेस्ट किया जाता है। अगर आपका प्रिस्क्रिप्शन 6/6 दृष्टि दिखाता है, तो आपकी दृष्टि सामान्य है और आप देखते हैं कि 6 मीटर की औसत आंख क्या देख सकती है। हालाँकि 6/6 दृष्टि का मतलब यह नहीं है कि आपकी दृष्टि एकदम सही है। अपने मामले को जानने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने नेत्र रोग विशेषज्ञ से पूछें।
प्रिज्म (Prism)
ज्यादातर प्रिस्क्रिप्शन में प्रिज्म कॉलम आमतौर पर अनुपस्थित या ब्लैंक होता है। जब तक आपकी आंख की मांसपेशियां या नसें इस तरह से प्रभावित न हों जिससे दोहरी दृष्टि हो। प्रिज्म के लिए निर्धारित लेंस यह सुनिश्चित करता है कि आपकी आंखों में प्रवेश करने वाला प्रकाश रेटिना पर सही ढंग से फोकस हो।
बेस (Base)
बेस वह डायरेक्शन है जो आपकी एक या दोनों आंखों पर लागू होता है। ऊपर, नीचे, अंदर या बाहर। बेस और प्रिज्म एक साथ काम करते हैं।
यहां इसे आसानी से समझाने के लिए प्रिस्क्रिप्शन का एक उदाहरण दिया गया है-

आंखों की पावर कब और क्यों बढ़ती है – When and Why Does Eye Power Increase?
आंखों की पावर बढ़ने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों को दूर की चीज़ें साफ दिखाई नहीं देतीं, तो कुछ लोगों को पास की चीज़ों पर फोकस करने में परेशानी होती है। आइए, आंखों की पावर से जुड़ी सामान्य समस्याओं को आसान भाषा में समझते हैं।
दूरदृष्टिता: इसमें पास की चीज़ें धुंधली दिखाई दे सकती हैं, जबकि दूर की चीज़ें अपेक्षाकृत साफ दिखाई देती हैं। पढ़ने या मोबाइल इस्तेमाल करने के दौरान आंखों में थकान और सिरदर्द भी हो सकता है।
निकटदृष्टि दोष: इसमें दूर की चीज़ें धुंधली दिखाई देती हैं, लेकिन पास की चीज़ें साफ नज़र आती हैं। बच्चों और युवाओं में मायोपिया बढ़ने का एक कारण लंबे समय तक पास की चीज़ों, जैसे मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन, पर ध्यान लगाना हो सकता है। हालांकि, सिर्फ स्क्रीन टाइम ही इसका एकमात्र कारण नहीं है।
एस्टिग्मेटिज़्म: जब कॉर्निया का आकार पूरी तरह गोल न होकर थोड़ा अनियमित होता है, तो रोशनी रेटिना पर सही तरीके से फोकस नहीं हो पाती। इससे चीज़ें धुंधली या कभी-कभी दोहरी दिखाई दे सकती हैं।
प्रेसबायोपिया: आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद आंख के प्राकृतिक लेंस की लचीलापन कम होने लगता है। इसके कारण पास की छोटी लिखावट पढ़ने में परेशानी होती है और किताब या मोबाइल को दूर करके देखना पड़ सकता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार रीडिंग, बाइफोकल या प्रोग्रेसिव चश्मे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
चश्मे या लेंस की ज़रूरत के संकेत – Signs You May Need Glasses or Contact Lenses
- बार-बार सिरदर्द होना, खासकर पढ़ने या स्क्रीन देखने के बाद
- दूर या पास की चीज़ें धुंधली दिखना
- रात में लाइट्स के आसपास हेलो रिंग या धारियां दिखना
- आंखों में थकान, भारीपन या चक्कर जैसा महसूस होना
- बार-बार आंखें मिचमिचाना (squinting)
आंखों की पावर में सुधार के लिए उपचार – Treatment To Improve Eye Power
अपनी आंखों की देखभाल करना आपके शरीर के बाकी हिस्सों की देखभाल करने जैसा है। और इसके लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता नहीं होती है। स्वस्थ भोजन करना, समय पर सोना, थोड़ा व्यायाम करना आपकी आंखों और शरीर के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। निकटदृष्टिदोष और दूरदर्शिता जैसे नेत्र रोगों को प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर नेत्र रोग बिना सर्जरी के ठीक नहीं होते हैं। अगर आप आर्टिफिशियल लेंस और चश्मे से बचना चाहते हैं, तो शुरू से ही अपनी आंखों का ख्याल रखें। यहां कुछ टिप्स दिए गए हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं, जैसे-
विटामिन-ए से भरपूर खाना खाएं
रोजाना गाजर, पपीता, ब्रोकली, हरी सब्जियां खाने से आपकी आंखों की सेल्स को विटामिन-ए मिलता है जो आपकी आंखों की पावर को न्यूट्रल रखता है।
स्क्रीन से थोड़ा ब्रेक लें
अगर आप कोई काम करते हैं जिसमें आपको लगातार कंप्यूटर स्क्रीन पर देखना पड़ता है, तो 20-20-20 नियम का पालन करें। हर 20 मिनट के बाद 20 सेकंड के लिए एक ब्रेक लें और किसी भी 20 सेमी दूर वस्तु को देखें। यह नियम आपकी आंखों को दर्द और आसानी से थकने से बचाने में मदद करेगा।
समय पर सोएं
आपने देखा होगा कि आंखों की पावर वाले ज़्यादातर लोग सही और पूरी नींद नहीं ले पाते। नींद की कमी हमारे मस्तिष्क सहित आपके पूरे शरीर को प्रभावित करती है जिसके परिणामस्वरूप आंखों की समस्याएं होती हैं।
आंखों के चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस
यह खराब आंखों की पावर का इलाज करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। हालांकि कॉन्टैक्ट लेंस पहनना परेशानी का कारण हो सकता है, लेकिन चश्मा सुरक्षित और सुविधाजनक होता है। लेंस तीन प्रकार के होते हैं- कॉन्केव (मायोपिया के लिए), कॉन्वेक्स (हाइपरमेट्रोपिया के लिए), बाइफोकल लेंस का उपयोग तब किया जाता है अगर किसी व्यक्ति को निकट दृष्टि और दूरदर्शिता दोनों हैं।
सर्जरी
आपकी दृष्टि में सुधार स्वाभाविक रूप से तभी काम करेगा जब आप लगातार अपनी जीवनशैली पर नज़र रखेंगे और इसे कभी-कभी ठीक भी नहीं किया जा सकता है, जबकि सर्जरी आपकी आंखों की पावर को हमेशा के लिए ठीक कर सकती है। हालांकि आपको अपनी सर्जरी से पहले और बाद में कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत होती है।
निष्कर्ष – Conclusion
अपनी आंखों का इलाज करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने आंखों के डॉक्टर के पास जाएं और नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच करवाएं। वह आपकी आंखों की बीमारी के इलाज के बेहतर तरीके के बारे में बताएंगे और गाइड करेंगे। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट eyemantra.in पर जाएँ। आई मंत्रा के साथ अपनी अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए +91-9711115191 पर कॉल करें या हमें eyemantra1@gmail.com पर मेल करें। हमारी सेवाओं में रेटिना सर्जरी, चश्मा हटाना, लेसिक सर्जरी, भेंगापन, मोतियाबिंद सर्जरी और ग्लूकोमा सर्जरी सहित कई अन्य सेवाएं शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – Frequently Asked Question
1. आंखों की पावर का नॉर्मल नंबर क्या होता है?
0.00 SPH को नॉर्मल माना जाता है। इससे ऊपर या नीचे जाने पर करेक्टिव लेंस की ज़रूरत होती है।
2. क्या आंखों की पावर अपने आप कम हो सकती है?
वयस्कों में यह दुर्लभ है, लेकिन सही खानपान, आंखों को आराम और अच्छी आदतों से पावर स्थिर रखी जा सकती है।
3. चश्मे का नंबर हर साल क्यों चेक करना चाहिए?
क्योंकि उम्र, स्क्रीन टाइम और जीवनशैली के साथ आंखों की पावर बदलती रहती है, इसलिए पुराना प्रिस्क्रिप्शन गलत हो सकता है।
4. माइनस और प्लस नंबर में क्या फर्क है?
माइनस (-) निकटदृष्टि दोष (दूर की चीज़ें धुंधली) दिखाता है, जबकि प्लस (+) दूरदर्शिता (पास की चीज़ें धुंधली) दिखाता है।
